माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। नगर निगम ने क्षेत्र में पिछले पांच सालों के दौरान कितनी सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त किया है, इसका ब्योरा सरकार को देना होगा। शहरी स्थानीय निकाय ने निगम अधिकारियों से वर्ष 2018 से लेकर अब तक का रिकॉर्ड मांग लिया है। इसका जवाब तैयार करने के अधिकारी जुट गए हैं। अब पूरे शहर का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है कि किस क्षेत्र में कौन सी सरकारी जमीन पर किस का कब्जा है। वहीं, अब तक निगम कितने कब्जों को मुक्त कराया चुका है।
निकाय ने अधिकारियों से जवाब मांगा है कि उन्होंने इन पांच सालों में कितनी सरकारी जमीनों को कब्जामुक्त कराया। अगर नहीं करा पाए तो उसका क्या कारण रहा। अब तक कितनी जमीन पर लोगों ने कब्जा किया है। जिनको कब्जा मुक्त कराया था, हाल फिलहाल उन जमीनों की क्या स्थिति हैं, कहीं किसी ने उन पर दोबारा कब्जा तो नहीं कर लिया। इन सभी सवालों के जवाब निगम अधिकारियों को सरकार को देने होंगे।
निगम अधिकारियों का तर्क है कि वे समय पर समय पर अतिक्रमण और कब्जों के खिलाफ कार्रवाई करते रहते हैं। अब तक जितनी भी शिकायतें उनके पास आई हैं उन्होंने उस पर कार्रवाई भी की है। सरकार की ओर से मांगे गए रिकॉर्ड को कागजों में छंटनी करने और धरातल पर इसकी वेरिफकेशन करने में समय लगेगा। रिकॉर्ड तैयार करने के बाद भेज दिया जाएगा।
शहर में कई जगह कब्जे नहीं हुए खाली
अंसध रोड से लेकर जीटी रोड, गोहाना रोड, सेक्टरों में भी सरकारी जमीन पर सैकड़ों कब्जे हुए हैं। इनमें से कई बार निगम टीम कब्जों को हटाने तक मौके पर पहुंच चुकी है। कुछ जगह शिकायत न होने और कुछ जगह दबाव होने की वजह से कार्रवाई नहीं हो सकी। माना जा रहा है कि अब सरकार सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वाले कब्जाधारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने जा रही है।
सरकार ने कब्जामुक्त कराई गई सरकारी जमीनों, कब्जा हुई जमीनों और हालिया स्थिति का रिकॉर्ड मांगा है। रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। - योगेश तोमर, एटीपी, नगर निगम।