पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस की असंध रोड स्थित एक निजी अस्पताल में मरीज को बेहोशी का इंजेक्शन लगाते हुए हुई वीडियो वायरल मामले में उन पर गाज गिर सकती है। कमेटी के सदस्य के अनुसार उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट में लिखा है कि वह निजी अस्पताल में प्रैक्टिस करते हैं। चार डॉक्टरों की कमेटी ने यह रिपोर्ट तैयार की थी। सिविल सर्जन ने रिपोर्ट मुख्यालय में भेज दी है। अब चुनाव के बाद उन पर गाज गिर सकती है।
जांच कमेटी के एक सदस्य डॉक्टर ने बताया कि 16 अगस्त को सोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियो के अनुसार जिला नागरिक अस्पताल के एक डिप्टी एमएस निजी अस्पताल में आए। यहां एक महिला का ऑपरेशन होना था। डिप्टी एमएस ने महिला को बेहोशी का इंजेक्शन लगाया। वह युवक उनकी वीडियो बनाता रहा। जब डिप्टी एमएस को पता चला कि उनकी वीडियो बन रही है तो वह मास्क लगाकर अस्पताल से भागने की कोशिश करने लगे थे। वीडियो बनाने वाले युवक ने जब उनसे पूछा कि वह सरकारी डॉक्टर है, यहां ओपीडी कैसे कर रहे हैं। इस पर वह घबरा गए पहले तो वह बोले कि उनका एक मरीज यहां दाखिल है। उसका हाल जानने आए थे। बाद में बोले कि उनके कंधे में दर्द है, वह इलाज कराने आए थे। इसके बाद वह अपनी कार छोड़कर वहां से भाग गए थे। जांच में पाया गया कि डिप्टी एमएस निजी अस्पताल में प्रैक्टिस कर रहे थे। इससे पहले भी उनकी शिकायत मिल चुकी थी।
वर्जन-
जिला सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि वीडियो को उन्होंने देखा है। इसमें डॉक्टर निजी अस्पताल में काम करते हुए नजर आ रहे हैं। वह नियमानुसार निजी अस्पताल में काम नहीं कर सकते। मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया था। यह रिपोर्ट मुख्यालय को भी भेजी जा चुकी है। अब मुख्यालय स्तर पर मामले में कार्रवाई की जाएगी।