पानीपत। ग्राहक को खराब लैपटॉप देने पर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के चेयरमैन ने रिलायंस कंपनी को बदलने का आदेश दिया है। कंपनी अगर ग्राहक को नया लैपटॉप नहीं देती है तो बदले में उसे 41 हजार रुपये ग्राहक को चुकाने होंगे। यह राशि नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के हिसाब से चुकानी होगी। आयोग ने यह राशि 45 दिन में चुकाने का आदेश दिया है। वहीं पीड़िता को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने पर कंपनी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
सेक्टर 12 निवासी चंचल जागड़ा ने बताया कि उन्होंने जीटी रोड स्थित रिलायंस रिटेलर से 52 हजार रुपये का लेनोवो कंपनी का लैपटॉप दिया गया और कहा गया कि इस लैपटॉप की क्वालिटी अच्छी है। बैटरी बैकअप सात घंटे का है। रैम व हार्ड डिस्क अच्छे हैं। वह लैपटॉप खरीदकर घर आ गई। कुछ दिनों में ही लैपटॉप में दिक्कत आने लगी। बैटरी सात घंटे के बजाय महज दो घंटे चलने लगी। लैपटॉप साफ्टवेयर बिना कमांड दिए चलने लगे। स्क्रीन स्वत: ऑफ होने लगी। जरूरी काम करते समय लैपटॉप बंद हो जाता था। जब उसने इस संबंध में रिलायंस से संपर्क किया तो उन्होंने कोई मदद नहीं की। आरोप है कि रिलायंस ने उसे झूठे फायदे गिनाकर धोखे से लैपटॉप बेचा। पीड़िता ने जुलाई 2021 में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में अपनी याचिका लगाई और लैपटॉप बदलने या उसकी कीमत दिलाने, कंपनी पर एक लाख रुपये जुर्माना लगाने और 22 हजार रुपये मुकदमे का खर्च दिलाने की अपील की। याचिका पर सुनवाई करते हुए दो साल बाद चेयरमैन ने पीड़िता के हक में फैसला सुनाया और कंपनी पर लैपटॉप बदलने या उसकी कीमत 41 हजार रुपये चुकाने का आदेश दिया। संवाद