पूर्व पार्षद जोगिंद्र स्वामी ने एक बार फिर अंसल की रजिस्टिरी को लेकर एक बार फिर अधिकारियों को कठघरे में खड़ा कर दिया है। आरोप है कि तहसील में भ्रष्टाचार को दबाने के लिए एक अधिकारी ने पिछले दिनों एक पत्र जारी किया है। उन्होंने इसकी शिकायत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन को भेजी है। उन्होंने शिकायत में आरोप लगाया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अंसल को किसी भी प्रकार की सेल परचेज ( रजिस्टरी ) रोक लगाने के आदेश दिए थे। इसके बाद भी खुले रूप से रजिस्टरी कर दी गई। 14 फरवरी को उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर रजिस्टरियों की कॉपी सहित ज्ञापन सौंपा गया। इस पर किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब यहां की रजिस्टरी खुले रूप से होने लगी हैं। डीसी ने तीन मार्च को अंसल की रजिस्टरी खुलने से संबंधित एक पत्र जारी किया था। इस मामले में बड़ी संलिप्तता है। उन्होंने इन मामलों की जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।