पानीपत। जगन्नाथ मंदिर में शंकराचार्य स्वागत समिति ने रविवार को बैठक की। जिसमें 29 सितंबर को पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती महाराज राष्ट्र उत्कर्ष धर्मसभा की तैयारी के बारे में रणनीति तैयार की गई। शाम बाग में शाम पांच बजे यह धर्मसभा शुरू होगी। शंकराचार्य के आगमन की तैयारियों के संबंध में शंकराचार्य स्वागत समिति के सदस्यों और शहर की सभी धार्मिक, सामाजिक व शैक्षिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने बैठक की। सर्वसम्मति से तय किया गया कि आदि शंकराचार्य ने जो खड़ाऊ पहनकर पूरे देश का भ्रमण किया और चार पीठों की स्थापना की, उसी खड़ाऊ का श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। इतना ही नहीं, परम श्रद्धा की प्रतीक इन खड़ाऊ को हाथों से छू भी सकेंगे। इसके लिए श्रद्धालुओं को पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इन्हें शाम को चार बजे ही धर्मसभा में पहुंचना होगा, जहां आगे इन्हें स्थान मिलेगा। मंच संचालन सर्व संगठन संस्थान के संयोजक सुरेश काबरा ने किया।
सभा की शुरुआत में भारत शर्मा ने आदि शंकराचार्य के बारे में बताया। विकास गोयल ने कहा कि आदि शंकराचार्य के बारे में हमारी पीढ़ी को जानकारी ही नहीं है। हमारे बच्चों को जागरूक करना होगा। समिति के सदस्य सुरेश तायल ने कहा कि शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती महाराज के आगमन को उत्सव की तरह मनाएंगे। स्वागत समिति के सदस्यों के साथ ही शहर के लोग शंकराचार्य को दिल्ली से काफिले में लेकर आएं। शंकराचार्य 28 सितंबर को उनके निवास पर आएंगे।