फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: क्लेम देने से मना किया तो दो लाख ब्याज संग देने के दिए आदेश

विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। यमुना नदी में डूबने से डिकाडला गांव निवासी रविंद्र की मौत का क्लेम नहीं देने के मामले में सुनवाई के बाद उपभोक्ता आयोग ने एलआईसी कंपनी को दो लाख रुपये नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से चुकाने के आदेश दिए है। वहीं मृतक की पत्नी को मानसिक प्रताड़ना देने पर कंपनी पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। इसके अलावा अधिकार पाने के लिए पीड़िता के मुकदमे में लगे 5500 रुपये भी कंपनी को ही देने होंगे।
विज्ञापन

डिकाडला गांव निवासी इशावती ने बताया कि कि उसके पति रविंद्र सिंह ने हथवाला निवासी कालू राम की एक एकड़ जमीन कृषि प्रयोजन के लिए ठेके पर ली थी। पति चार अगस्त 2018 को धान की फसल में पानी दे रहा था। पति के साथ डिकाडला निवासी बिजेंद्र और रणबीर भी थे। उनकी जमीन यमुना नदी से सटी हुई थी। वह तीनों बातचीत करते हुए नहर किनारे चल रहे थे। इसी बीच असंतुलित होकर उसके पति यमुना नदी में जा गिरे और डूब गए। उन्होंने पुलिस को उनकी शिकायत दी। पुलिस ने तीन दिन तक नहर में सर्च अभियान चलाया। आठ अगस्त 2018 यमुना नदी में बेघा घाट के पास एक शव मिला। जिस शव की शिनाख्त उनके पति रविंद्र के रूप में हुई। उन्होंने पॉलिसी के तहत भारतीय जीवन बीमा से संपर्क किया और क्लेम मांगा लेकिन 11 नवंबर 2019 को उन्होंने क्लेम देने से इंकार कर दिया। बीमा कंपनी ने कहा कि वह क्लेम इसलिए नहीं दे सकते क्योंकि डूबने के समय मृतक नशे की हालत में था। जबकि उन्होंने वह सभी दस्तावेज पेश किए, जिनसे साबित होता है कि उनका पति नशे में नहीं था। जिसके बाद उन्होंने उपभोक्ता आयोग में अपील की। इसके बाद जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के चेयरमैन जेआर चौहान ने सुनवाई के बाद फैसला सुनाते हुए 2.00 लाख रुपये नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से चुकाने के आदेश दिए।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें