पानीपत। आशा वर्कर यूनियन ने बुधवार को सीएमओ कार्यालय पर जमकर हंगामा किया और दो आशा वर्करों को हटाने को गलत ठहराया। यूनियन ने सीएमओ के मांगों के सुनने आने पर रोष जताया। आरोप है कि सीएमओ ने मिलने का समय न होने की बात तक कही है। बाद में डिप्टी सीएमओ को के सामने अपनी मांग रखी। सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहुजा ने बताया कि दोनों आशा वर्करों को मुख्यालय की टीमों ने निरीक्षण कर कार्यों की समीक्षा के बाद कार्यमुक्त किया है। यूनियन से ज्ञापन लिया गया है।
बुधवार को यूनियन व सीटू के पदाधिकारी सिविल अस्पताल में एकत्र हुए। आशा वर्कर यूनियन की प्रधान सुमन देवी ने बताया कि पांच और छह फरवरी को मुख्यालय से आई टीमों ने फील्ड में आशा वर्करों के कार्यों की समीक्षा की थी। समीक्षा के दौरान शिमला मौलाना गांव की शाह कुमारी व छाजपुर गांव की रितू की कार्यों में अनियमिताएं बताई गईं। मुख्यालय की टीम के निर्देश पर बिना नोटिस जारी किए दोनों आशा कार्यकर्ताओं को कार्यमुक्त कर दिया गया। यह विभाग की तानाशाही है। इसलिए पूरी यूनियन इसका विरोध कर रही है। इस संबंध में सिविल सर्जन को ज्ञापन देने के लिए बुधवार को यूनियन के पदाधिकारी सिविल अस्पताल में गए थे। यहां सिविल सर्जन ने कार्यालय से बाहर आकर ज्ञापन लेने से इनकार कर दिया। उन्हें बताया गया कि उनके पास समय नहीं है। बाद में विरोध के बाद डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. शशि गर्ग को ज्ञापन दिया गया। अस्पताल में पुलिस भी बुला ली गई। इस मौके पर आशा वर्कर यूनियन की सचिव सुशीला, सीटू सचिव सुनील दत्त, कश्मीर सिंह, महासचिव सुनीता, रेखा रानी, जगभगवान व नन्ही मौजूद रहीं।