पानीपत। दिल्ली के सराय काले खां से पानीपत तक आने वाली रैपिड ट्रेन अब करनाल तक जाएगी। प्रदेश सरकार रैपिड रेल को करनाल तक किए जाने का विचार कर रही है। जल्द ही इसका प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। इसका आठ किलोमीटर में एक स्टेशन बनाया जाएगा। पहले पानीपत में अंतिम स्टेशन बनाया जाना था। 2013 के प्रोजेक्ट की घोषणा के अनुसार पानीपत से दिल्ली का सफर 45 मिनट में पूरा किया जाना था।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार को पानीपत में इसकी घोषणा की। उन्होंने ये बात सिवाह गांव स्थित नए बस स्टैंड पर ई-बसों को रवाना करते समय ये बात कही। उन्होंने कहा कि सराय सराय काले खां से पानीपत तक रैपिड ट्रेन आनी है। इसको अब बढ़ाकर करनाल तक किया जाएगा। इससे करनाल से दिल्ली आने जाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी।
यह है प्रोजेक्ट
विदित हो कि रैपिड ट्रेन चलाने की घोषणा 2013 में की गई थी। इसमें पानीपत से दिल्ली तक का सफर केवल 45 मिनट में पूरा हो जाएगा। पिछले दिनों यह प्रोजेक्ट केंद्र, प्रदेश और दिल्ली सरकार के बीच उलझ गया था। नई दिल्ली में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 36वीं बैठक में प्रोजेक्ट का रास्ता साफ हाे गया था। यह कॉरिडोर एनसीआर से जुड़े 72 हजार करोड़ रुपये के आरआरटीएस का एक हिस्सा है। दिल्ली-पानीपत के अलावा दिल्ली-अलवर (180 किमी) और दिल्ली- मेरठ (90 किमी) रैपिड ट्रेन प्रोजेक्ट भी इसमें शामिल हैं। विकास मंत्रालय एनसीआरपीबी को 2814 करोड़, दिल्ली सरकार को 684 करोड़ और हरियाणा सरकार को 2129 करोड़ रुपये देने होंगे। 7502 करोड़ लोन, 5627 करोड़ पीपीपी से जुटाए जाएंगे। इस पर अनुमानित 130 करोड़ प्रति किलोमीटर खर्च आएगा।
12 स्टेशन बनाने का है प्रस्ताव
रैपिड रेल की लाइन 111 किलोमीटर लंबी होगी। जिसमें 100.3 किलोमीटर का रास्ता जमीन और 2.7 किलोमीटर एलिवेटेड होगा। दिल्ली में कश्मीरी गेट से शुरू होकर कॉरिडोर पानीपत में आईओसीएल रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स समेत 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। कश्मीरी गेट, कुंडली, सोनीपत, गन्नौर, समालखा, पानीपत रिफाइनरी लाइन को अगर बनाया जाता है तो इससे करीब 80 हजार करोड़ का फायदा होने की बात कही है। रेल कोच के मुकाबले ज्यादा लोग सफर कर सकेंगे। रैपिड ट्रेन के कोच 22 मीटर लंबे होंगे।
पानीपत से डबवाली एक्सप्रेस हाईवे की मंजूरी
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पानीपत से डबवाली तक नए एक्सप्रेस हाईवे की मंजूरी दी गई है। प्रदेश में 34 शहरों में नए बस स्टैंड बनाए गए हैं। एचकेआरएनएल के तहत 3500 चालकों की भर्ती की है। रोहतक व कुरुक्षेत्र में एलिवेटिड रेलवे लाइन बनाई गई हैं। कैथल में एलिवेटिड का कार्य किया जा रहा है। फाटक रहित रेलवे लाइन से दुर्घटनाओं में कमी आएगी। प्रदेश में अब तक 72 आरओबी या आरयूबी बनाए गए हैं, जबकि 52 निर्माणाधीन हैं।
दिल्ली को जोड़ने वाला बड़ा प्रोजेक्ट : पंवार
रेलवे स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य एवं राज्यसभा सांसद कृष्णलाल पंवार ने बताया कि रैपिड रेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट पानीपत व दिल्ली को जोड़ने वाला बड़ा प्रोजेक्ट है। मुख्यमंत्री ने अब इसे करनाल तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। इससे दैनिक यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ व्यापार में भी तेजी आएगी। प्रदेश सरकार से इस प्रोजेक्ट को वित्तीय सहमति भी मिल चुकी है। साथ ही इसकी डीपीआर भी बन चुकी है।