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Panipat News: किसानों की मेहनत पर बारिश, ओलावृष्टि का कहर

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संवाद न्यूज एजेंसी
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समालखा। अनाज मंडी समालखा में शुक्रवार को हुई तेज बारिश व ओलावृष्टि से खुले में रखा किसानों का हजारों क्विंटल गेहूं भीग गया। बरसात के साथ चली तेज हवा के बीच हुई ओलावृष्टि में किसानों को गेहूं को बचाने का मौका तक नहीं मिला। कुछ किसानों ने तिरपाल की मदद से गेहूं को बचाने का प्रयास किया। वहीं आढ़तियों ने जेसीबी बुलाकर बारिश में बहते गेहूं और ढेरियों को बचाने का प्रयास किया। इस दौरान आढ़ती सहित मजदूर डब्बों व झाड़ू की मदद से अनाज को बचाते हुए पानी को निकालते हुए दिखाई दिए।

अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद न होने से किसान पहले से ही परेशान थे, लेकिन अब बारिश ने उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। बारिश में गेहूं भीगने की वजह से उसमें नमी और बढ़ गई है, जिसके सूखने में अब और वक्त लगेगा। सोमवार से मंडियों में गेहूं की आवक में तेजी आने से ज्यादा गेहूं भीगा है। मंडी में आए किसानों ने बताया कि वे तीन-चार दिन से गेहूं लेकर मंडी में आए हुए हैं लेकिन नमी ज्यादा होने का हवाला देकर खरीद करने से इंकार कर देते हैं, जबकि गेहूं में नमी कितनी है, इसका माप भी नहीं लिया जाता है।
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आट्टा, नारायणा, किवाना गांव से पहुंचे किसानों ने कहा कि वह शुक्रवार को ट्रॉली में गेहूं लोढ कर उसे मंडी में बचने आए थे लेकिन उनका नंबर नहीं आने पर वह शुक्रवार को ट्रॉली के साथ मंडी में ही रुक गए। शुक्रवार को दोपहर बाद तेज बारिश व हवाओं के साथ गिरे ओलों ने गेहूं को बचाने का मौका नहीं दिया। उन्होंने बारिश से गेहूं को बचाने के लिए अपनी ट्रॉली पर तिरपाल लगाने का प्रयास किया लेकिन तेज हवाओं ने सबकुछ तहस-नहस कर दिया।
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समालखा मंडी में विभिन्न एजेंसियों द्वारा खरीद करके मंडी में खुले में लगाए गेहूं के हजारों गेहूं के कट्टे बारिश से भीग गए। अनाज मंडी में शेड में जगह न होने के कारण खुले आसमान के नीचे पड़ा रहता है। मंडी में बने शेड व मंडी के बाहर फडों पर हजारों की संख्या में गेहूं के कट्टे खुले आसमान के नीचे लगे होने से भीग गए।
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