पानीपत। टीडीआई सेक्टर 23 में हुए करोड़ों रुपये के सरकारी जमीन घोटाले के विरोध में शहर के लोगों ने ताऊ देवी लाल कॉम्प्लेक्स स्थित नगर निगम कार्यालय के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया। जन आवाज सोसायटी के प्रधान जोगिंद्र स्वामी ने इस घोटाले में नगर निगम, तहसील, डीटीपी के साथ नगर निगम के पूर्व मनोनीत पार्षद एवं पूर्व पार्षद पति के खिलाफ भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इनके नाम प्रॉपर्टी आईडी, टीडीआई का अलॉटमेंट लेटर और रजिस्ट्री तक है, जो कि सरकारी जमीन पर बनवाई गई है।
उन्होंने निगम आयुक्त डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर को सबूतों समेत शिकायत सौंपते हुए भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही इन प्रॉपर्टी आईडी को रद्द करने की भी मांग की है। निगम आयुक्त ने जांच का आश्वासन देते हुए पूरे प्रकरण की जांच निगम संयुक्त आयुक्त से करवाने का आश्वासन दिया है। वहीं, निगम ने जिला योजनाकार को टीडीआई की सरकारी जमीन निशानदेही करवाने के लिए पत्राचार भी किया है। टीडीआई की निशानदेही के बाद निगम वहां पर बनी प्रॉपर्टी आईडी को आयुक्त की अनुमति के बाद रद्द करने का काम करेगा। जिसके बाद सरकारी जमीन पर हुई रजिस्टरी भी रद्द हो जाएंगी। वहीं, निगम अधिकारियों का कहना कहा कि उनके संज्ञान में ये दो प्रॉपर्टी आईडी ही आई हैं। वे टीडीआई से पूरी सरकारी जमीन का रिकॉर्ड और निशानदेही भी करवाएंगे। ताकि भविष्य में भी कोई उनकी प्रॉपर्टी आईडी न बनवा सके।
आयुक्त को शिकायत देने पहुंचे जोगिंद्र स्वामी ने टीडीआई की सरकारी जमीन की प्रॉपर्टी आईडी बनवाने का आरोप वार्ड आठ की पूर्व पार्षद चंचल सहगल के पति एवं भाजपा नेता विजय सहगल पर लगाया है। उन्होंने कहा कि सहगल के मोबाइल नंबर से पार्क की जमीन की 1280 गज की प्रॉपर्टी आईडी बनवाई है। जिसकी सनातन मंदिर के नाम से रजिस्ट्री तक करवा दी गई। इसके साथ स्वामी ने पूर्व मनोनीत पार्षद एवं कांग्रेसी नेता नरेंद्र सूरा पर आरोप लगाया कि सूरा ने टीडीआई में 200 गज तो पार्क की जमीन पर प्रॉपर्टी आईडी बनवाई है। जबकि सूरा ने ही यूडीलैंड की 440 गज की प्रॉपर्टी आईडी बनवाकर रजिस्ट्री तक करवा ली है।
वर्जन:
आरोप बेबुनियाद हैं। टीडीआई ने हमारी संस्था को मंदिर के लिए जगह गिफ्ट दी थी। संस्था की ओर से यहां मंदिर बनाया जा रहा है। प्रधान के नाते इसकी प्रॉपर्टी आईडी मोबाइल नंबर से जोड़ी गई है।
विजय सहगल, पूर्व पार्षद पति, वार्ड नंबर आठ।
वर्जन:
200 गज का प्लॉट मेरा नहीं है। 440 गज का प्लॉट यूडीलैंड कहकर बेचा था, मैने खरीद लिया। इस पर आपत्ति तब होती है जब कोई निर्माण हो। मैने इस पर कोई निर्माण ही नहीं किया। इसलिए ये कोई मुद्दा ही नहीं बनता।
नरेंद्र सूरा, पूर्व मनोनीत पार्षद।
वर्जन:
जांच करवाकर करेंगे कार्रवाई : आयुक्त
मामला संज्ञान में आ चुका है। इसकी गहनता से जांच करवाई जाएगी। जिसमें जो भी दोषी मिला उसके खिलाफ कार्रवाई निश्चित है।
जयेंद्र सिंह छिल्लर, आयुक्त, नगर निगम।