पानीपत। सिवाह गांव में कूड़ा डालने के मामले में डीसी और जजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र कादियान के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है। कूड़ा डालने का विरोध करने वालों पर डीसी वीरेंद्र दहिया की ओर से एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी के बाद शनिवार को जजपा नेता कादियान ने कहा कि किसी भी हाल में गांव में कूड़ा नहीं डालने देंगे। यही नहीं उन्होंने कहा कि वे खुद भी मौके पर खड़े हैं और कार्रवाई की प्रतीक्षा में हैं।
देवेंद्र कादियान ने कहा कि जनता के लिए काम करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। सिवाह गांव की पंचायत ने जमीन सिर्फ एसटीपी के लिए दी थी, न कि डंपिंग स्टेशन बनाने के लिए। यहां कूड़ा डाला जा रहा है, जिससे बीमारियों के फैलने का डर बना हुआ है। अगर डीसी अपने हक की आवाज उठाने वालों की आवाज को दबाना चाहते हैं तो वे भी इसके लिए तैयार हैं। दूसरी ओर ग्रामीण शनिवार को भी इसके विरोध में डटे रहे। उन्होंने कहा कि अगर डीसी और एसपी दो घंटे डंपिंग यार्ड में बिना मुंह ढके बैठ जाएं और मक्खी, मच्छरों को न हटाएं तो वे खुद इस जमीन पर कूड़ा डालने देंगे। कोई भी ग्रामीण इसका विरोध नहींं करेगा। ग्रामीणों ने सवाल किए कि क्या वे इंसान नहीं हैं? क्या सिर्फ अधिकारी ही इंसान हैं? डंपिग स्टेशन के 100 मीटर पर आबादी है। यहां बदबू से लोगों को जीना दूभर हो गया है।
डीसी ने गीता कॉलोनी में एफआईआर कराने की दी थी चेतावनी
निगम आयुक्त राहुल नरवाल दो दिन पहले अधिकारियों को साथ लेकर सिवाह गांव में बनाए कूड़ा डंपिंग प्वाइंट पर पहुंचे थे। वे ग्रामीणों का विरोध देखकर दबे पांव लौट गए थे। फिर गांव महराना के नजदीक अस्थायी तौर पर कूड़ा डलवाना शुरू कर दिया था। इस बीच डीसी वीरेंद्र कुमार दहिया शुक्रवार को गीता कॉलोनी में पहुंचे थे। इस दौरान नगर निगम के मुख्य सफाई निरीक्षक जितेंद्र नरवाल ने सिवाह गांव में ग्रामीणों के विरोध से उन्हें अवगत कराया था। तब डीसी ने कहा था कि वे ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाएं। डीसी ने वहीं पर एसपी को फोन कर संबंधित थाना पुलिस प्रभारी को सिवाह गांव में पहुंचने के आदेश दिए थे।
निगम के लिए चुनौती बना कूडे़ का निस्तारण
एनजीटी कूड़ा उठान, पृथक्करण और निस्तारण को लेकर सख्त है। गांव निंबरी में डंपिंग यार्ड का पहले ही विरोध हो चुका है। सेक्टर 25 में जिमखाना क्लब के सामने कूड़ा डालने की शिकायत पर एनजीटी में सुनवाई चल रही है। अब गांव सिवाह में डंपिंग स्टेशन का विरोध हो रहा है। ऐसे में शहर से रोजाना उठाए जाने वाले करीब 250 टन कूड़े को डंप करना और निस्तारण करना निगम के चुनौती है।