पानीपत। संपत्ति कर के विवरण, भुगतान और अदेयता को लेकर शहरी स्थानीय निकाय ने जनहित में गाइडलाइन जारी की है। इसमें मुख्य रूप से नौ बिंदुओं को स्पष्ट किया है। इसमें आवेदक को पोर्टल पर सुधार करने के विषय की पूरी जानकारी देनी होगी ताकि संपत्तियों के विवरण की सटीक जानकारी भी मिल सके और लोगों को कर में छूट का लाभ मिल सके। किसी त्रुटि को ठीक कराने के लिए आवेदक स्वयं पोर्टल पर आपत्ति दर्ज कर सकता है। इसमें पंजीकरण से लेकर आपत्ति दर्ज करवाने के लिए उसे अपना मोबाइल नंबर देना होगा। आपत्ति दर्ज कराते समय फोटोकॉपी वाले दस्तावेजों के बजाय मूल दस्तावेजों को स्कैन कर अपलोड करना होगा।
ये गाइडलाइन जारी की
1. पहली बार पंजीकरण : केवल स्वयं अथवा संपत्ति मालिक के मोबाइल नंबर का उपयोग करके ही पंजीकरण करें। किसी अन्य, सीएससी केंद्र ऑपरेटर का मोबाइल नंबर न भरें
2. प्रॉपर्टी आईडी की खोज : पोर्टल पर प्रॉपर्टी आईडी की खोज करते समय नगर निगम या पालिका का नाम अनिवार्य भरना होगा। कॉलोनी का नाम, आठ अंक की प्रॉपर्टी आईडी, मालिक या कब्जाधारी का नाम, मोबाइल नंबर में से कोई एक दर्ज करना होगा। प्लाट नंबर से या पुरानी प्रॉपर्टी आईडी वैकल्पिक होगी। ध्यान रखने वाली बात यह है कि इनमें कोई भी विवरण गलत न भरें।
3. बकाया भुगतान : पोर्टल पर अपने प्रॉपर्टी टैक्स और फायर टैक्स की जांच करें। इसे पोर्टल के माध्यम से ही ऑनलाइन जमा करवाएं। इसके अलावा नगर पालिका के कार्यालय में जमा करवा कर रसीद लें।
4. प्रॉपर्टी विवरण : मोबाइल नंबर के विरुद्ध पंजीकृत प्राॅपर्टियों से संबंधित विवरण जांचने या प्रॉपर्टी खोजने के लिए मेरी संपत्ति पर क्लिक करें।
5. मोबाइल नंबर पंजीकरण या लॉगिन : पंजीकरण या लॉगिन के लिए केवल स्वयं के मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करें। त्रुटि पर एतराज दर्ज करने के लिए नई प्रॉपर्टी आईडी में भी स्वयं का मोबाइल नंबर भरें। यहां भी किसी अन्य या सीएससी केंद्र ऑपरेटर से संबंधित कोई मोबाइल नंबर न दर्ज करवाएं।
6. मूल दस्तावेजों को स्कैन करें : केवल मूल दस्तावेजों को ही स्कैन पर अपलोड करें। फोटोकॉपी, क्षतिग्रस्त या अपठनीय दस्तावेजों को स्कैन न करें।
7. विवरण में परिवर्तन एवं सुधार : स्वामित्व और प्रॉपर्टी के विवरण में सुधार के लिए पूर्व विवरण संबंधित दस्तावेज प्रदान करें। अपूर्व विवरण और अस्पष्ट दस्तावेज प्रदान न करें।
8. नई प्राॅपर्टी आईडी का निर्माण : पोर्टल पर प्रॉपर्टी का स्थान मानचित्र पर सटीक रूप से अंकित किया जाए। प्रॉपर्टी की तस्वीर में संपत्ति का फोटो दिखाई देना चाहिए। साथ में विवरण भी भरा जाना चाहिए। यह सुनिश्चित किए बिना नई प्रॉपर्टी आईडी के लिए आवेदन न करें कि आपकी प्रॉपर्टी पोर्टल पर मौजूद नहीं है। आप मालिक के नाम, पंजीकृत मोबाइल नंबर, प्लॉट, यूनिट नंबर इत्यादि के आधार पर प्रॉपर्टी खोज सकते हैं।
9. अदेयता : सभी बकाया राशि की जांच करें व अदा करें। पूर्व भुगतान के बाद ही अनापत्ति प्रमाण पत्र पोर्टल से ही डाउनलोड करें।
वर्जन :
निकाय की ओर से संपत्ति कर विवरण, कर भुगतान एवं अदेयता प्रमाणपत्र के लिए गाइडलाइन जारी की गई है। जनहित में इसे लागू किया जा रहा है ताकि लोग अपनी संपत्ति का स्वयं सत्यापन कर सकें और त्रुटियां ठीक करवाने के साथ टैक्स में छूट का लाभ भी उठा सकें।
- अरुण भार्गव, डीएमसी, नगर निगम।