पानीपत। नगर निकाय चुनाव जनवरी 2024 में कराने की तैयारी है। सरकार ने प्रदेश के सात जिलों में वार्डबंदी का शेड्यूल बनाया है। इसे लेकर शनिवार को निगम और प्रशासनिक अधिकारियों की एक वीडियो कॉन्फ्रेंस हुई, जिसमें तय किया गया कि इस बार पानीपत, करनाल, रोहतक, यमुनानगर, हिसार, जाखल मंडी और पुंडरी में वार्ड बंदी होगी। वार्ड बंदी की तैयारियों की यह प्रक्रिया 20 नवंबर से शुरू हो जाएगी और 16 जनवरी को इसका फाइनल नोटिफिकेशन जारी होगा। वार्ड बंदी का आधार परिवार पहचान पत्र रहेगा और इसी आधार पर वार्डों की संख्या और सीटों के रिजर्वेशन का भी निर्धारण होगा। माना जा रहा है कि इस बार शहर में 26 के बजाय 29 से 32 तक वार्ड बनाए जा सकते हैं।
चार जनवरी 2024 को नगर निगम का पंचवर्षीय कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। वहीं, आगामी चुनाव को लेकर सरकार ने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है। इससे देरी से होने वाली निकाय चुनाव की अटकलें भी समाप्त हो गई हैं। अधिकारियों का मानना है कि वार्डबंदी में सभी वार्डों में जनसंख्या और क्षेत्रफल को बराबर सीमा में रखा जाएगा।
नई वार्डबंदी के शेड्यूल में 20 नवंबर को शहर के वार्डों की जनसंख्या की मैपिंग की जाएगी। 25 नवंबर को सीटों का निर्धारण होगा। पांच दिसंबर को उपायुक्त एवं निगम उपायुक्त की ओर से गठित एडहॉक कमेटी की बैठक होगी। आठ दिसंबर को नगर निकायों की ओर से वार्ड वार बाउंड्री का हिंदी और अंग्रेजी में नोटिफिकेशन होगा। 12 दिसंबर को प्राथमिक यानी ड्राफ्ट वार्डबंदी प्रकाशित होगी। 22 दिसंबर तक वार्ड बंदी पर आपत्तियां और सुझाव दर्ज करवाए जा सकेंगे।
27 दिसंबर को वार्डबंदी की आपत्तियों और सुझाव को सुनवाई के लिए डीसी के पास भेजा जाएगा। इसके बाद दो जनवरी को फाइनल वार्डबंदी जारी कर दी जाएगी। इसके आधार पर 12 जनवरी को वार्डों के रिजर्वेशन को लेकर एडहॉक कमेटी की बैठक होगी, जिसका अंतिम नोटिफिकेशन 16 जनवरी 2024 को जारी होगा।
वार्डबंदी में जनसंख्या की गणना को लेकर पीपीपी मुख्य आधार रहेगा। पीपीपी में सभी सदस्यों की गणना एक जनवरी 2023 को आधार मानकर की जाएगी। इस वजह से अबकी बार जनसंख्या का आकलन डोर टू डोर नहीं करना पड़ेगा। इसमें समय की भी काफी बचत होगी। वहीं, निगम 2011 की जनसंख्या का ब्योरा पहले ही निकाय को सौंप चुका है। 2011 से लेकर 2023 की जनसंख्या के फासले पर वार्डबंदी की बुनियाद टिकेगी। इसकी जिम्मेदारी एडीसी कार्यालय को दी गई है।
2011 में दोनों विधानसभाओं की जनसंख्या करीब 3.7 लाख थी। इसमें शहरी क्षेत्र की करीब सवा दो लाख और ग्रामीण की डेढ़ लाख थी। अब 12 साल बाद की आबादी का परिवार पहचान पत्र के आंकड़ों के साथ मिलान किया जाएगा। इसमें शहर में कुल 143 वैध कॉलोनियों, 22 कॉलोनियों की वह सूची जो नियमित करने के लिए भेजी गई है, समेत करीब सौ से डेढ़ सौ के आसपास के मोहल्लों को वार्डबंदी में शामिल किया जाएगा। इसमें शहर के रिहायशी सेक्टर अलग से रहेंगे।
शनिवार को निकाय उच्च अधिकारियों के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में वार्डबंदी काे लेकर बैठक हुई है। इसे लेकर जल्द ही सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। इसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- अरुण भार्गव, डीएमसी, नगर निगम।