फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन बच्चों की मौत पर पानीपत में बवाल, पथराव में 10 पुलिसकर्मी घायल, लाठीचार्ज में 50 लोग चोटिल

Thu, 30 Jul 2020 02:42 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)

सार

  • डेढ़ घंटे चला बवाल, महिलाओं को भी नहीं बख्शा, मासूमों के परिजनों समेत 50 ग्रामीण और 10 पुलिसकर्मी घायल 
  • टैक्सी स्टैंड पर खड़ीं मिनी बस, कार और बाइक समेत 30 से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त, भगदड़ में छूटे जूते और चप्पल   
  • बिंझौल में तीन किशोरों का शव रजवाले में मिलने पर परिजनों ने ब्लीच हाउस मालिक समेत 12 पर कराई थी रिपोर्ट  
विज्ञापन
पानीपत में ग्रामीणों का प्रदर्शन।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पानीपत के गांव बिंझौल में सात जुलाई को रजवाहे में डूबने से तीन मासूमों की मौत पर इंसाफ मांगने आए ग्रामीणों पर गुरुवार को पुलिस ने जीटी रोड जाम करने पर लाठियां भांज दीं। पुलिस ने महिलाओं तक को नहीं बख्शा। जो भी पुलिस के सामने आया, उस पर लाठियां बरसाई गईं। इससे गुस्साएं ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। लघु सचिवालय के सामने करीब डेढ़ घंटे तक बवाल चला। भगदड़ मच गई। 

विज्ञापन


सड़क पर लोगों के जूते-चप्पल छूट गए। मृत मासूमों के परिजनों समेत 50 से अधिक ग्रामीण घायल हो गए। पथराव में सीआईए प्रभारी समेत 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस दौरान टैक्सी स्टैंड पर खड़ीं मिनी बस, कार और बाइक समेत 30 से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। सुबह 10 बजे लघु सचिवालय के सामने बिंझौल के ग्रामीण इकट्ठा होने लगे। मासूमों अरुण, लक्ष्य और वंश की हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पैदल मार्च निकाला। 

विज्ञापन


जीटी रोड पर बैठकर जाम लगा दिया। जिससे करीब पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया। जिला प्रशासन और सांसद संजय भाटिया के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इतने में तीन डीएसपी और सीआईए की दो टीम पुलिस बल के साथ जाम खुलवाने पहुंची। ग्रामीणों के नहीं मानने पर पुलिस ने वाटर कैनन से बौछार शुरू कर दी। ग्रामीण भड़क गए, जिस पर पुलिस ने लाठी भांजना शुरू कर दिया। महिलाओं को भी पीटा। चार-चार पुलिसकर्मी एक महिला को पीटते नजर आए। गुस्साएं ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। जिसमें कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। भगदड़ मच गई और लोगों ने किसी तरह अपनी जान बचाई।



यह है मामला:
गांव बिंझौल में सात जुलाई को अरुण, लक्ष्य, वंश के शव रजवाहे में मिले थे। छह बच्चे गांव के ब्लीच हाउस में पतंग उड़ाने के लिए धागा लेने गए थे। तीन बच्चे तो घर लौट आए लेकिन बाकी तीन नहीं लौटे। घर पहुंचे बच्चों ने परिजनों को बताया कि अरुण, लक्ष्य और वंश को फैक्ट्री मालिक के लोग उठाकर ले गए। देर रात तक ब्लीच हाउस पर हंगामा चला। 


अलसुबह तीनों बच्चों के शव ब्लीच हाउस के पास रजवाहे से मिले थे। आठ मरला पुलिस ने ब्लीच हाउस मालिक समेत 12 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। सांसद संजय भाटिया के कहने पर एसआईटी का भी गठन किया गया था लेकिन ब्लीच हाउस के मालिक समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तार नहीं होने से ग्रामीण नाराज थे और पंचायत के बाद गुरुवार को लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन का निर्णय किया था। 

ग्रामीणों ने नेशनल हाइवे को जाम कर अपराध किया है, जिस जुर्म में सभी ग्रामीणों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने मौके से तीन ट्रैक्टर-ट्राली और कुछ बाइकों को अपने कब्जे में लिया है। पुलिसकर्मी घायल हैं। किसी भी हालत में शरारती तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। - मनीषा चौधरी, एसपी, पानीपत।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें