पानीपत। सुबह छह बजे ही पुलिस की टीमें मतदान केंद्रों पर पहुंच गई थी। वहां पहुंचकर पुलिस पार्टियों ने अपनी अपनी टीम के प्रभारी को रिपोर्टिंग की। पुलिस की टीमें कंट्रोल रूम से मतदान केंद्रों पर नजर रखी। यहां सुबह से शाम छह बजे तक डीएसपी सतीश वत्स के नेतृत्व में सात पुलिस कर्मचारी तैनात रहे। जो मतदान केंद्रों पर हो रही हलचलों पर वहां तैनात पुलिस की टीमों को निर्देश देते रहे।
एसपी लोकेंद्र सिंह व डीसी वीरेंद्र कुमार दहिया भी फील्ड में उतरें। उन्होंने सभी अतिसंवेदनशील व संवदेनशील केंद्रों का निरीक्षण हुआ। नोहरा गांव की घटना को छोड़कर जिले में चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से ही संपन्न हुआ। रात आठ बजे तक केंद्रों पर पुलिस के जवान तैनात रहे। यहां से ईवीएम मशीनों को पुलिस की सुरक्षा में स्टॉन्ग रूम में लाया गया। इसके बाद पुलिस कर्मचारी ड्यूटी खत्म कर अपने घरों की ओर रवाना हुए।
पुलिस के जवानों की ड्यूटियां मतदान केंद्रों पर रही। इसलिए शहर में नाकें नहीं लग सके। शहर की यातायात व्यवस्था संभालने के लिए भी पुलिस के जवान नहीं थे। इसलिए दिन में कई बार शहर में जाम की स्थिति भी उत्पन्न हुई। एनएफएल नाका, असंध नाका, बलजीत नगर नाका, टोल प्लाजा के पास , नांगलखेड़ी के पास व किशनपुरा के पास लगे नाकों पर भी पुलिस के जवान तैनात नहीं थे।
एसपी लोकेंद्र सिंह ने बताया कि मतदान केंद्राें की सुरक्षा के लिए 670 रिक्रूट, 418 होमगार्ड व सीएपीएफ की नौ कंपनियों को तैनात किया गया था। मतदान केंद्रों की सुरक्षा को लेकर 87 जोनल मजिस्ट्रेट, 88 पेट्रोलिंग पार्टी, 24 स्टैटिक्स सर्विस टीम(एसएसटी) व 24 फ्लाइंग स्क्वायड टीम तैनात रही। मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी गई।