पानीपत। स्कूलों बसाें को लेकर प्रशासन सख्त हुआ तो पीले रंग के नीचे नियमों की अनदेखी का खेल सबके सामने आ गया। प्रशासन ने शुक्रवार और शनिवार को दो दिन की जांच में 106 में 19 स्कूल बसों को नियमों पर खरा न मिलने पर इंंपाउंड किया गया। रविवार को 12 स्कूल बसों को इंपाउंड किया गया। इनमें कई बड़े स्कूलों की बस व दूसरे वाहन शामिल हैं। सेंट मेरी स्कूल की एक बस का फर्श खराब और एसडीवीएम स्कूल की बस में फर्स्ट ऐड बॉक्स तक नहीं मिला। इसके अलावा स्कूल की बजाय प्राइवेट ट्रांसपोर्टरों के नाम लिखे पाए गए। ऐसे स्कूलों की बसों की जांच को लेकर लगातार अभियान चलाया जाएगा। रविवार को भी स्कूलों की बसों को जांच के लिए बुलाया गया है।
महेंद्रगढ़ जिले में स्कूल बस के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद प्रशासन के आदेश पर सीएम फ्लाइंग और आरटीए की टीम ने शनिवार को छुट्टी के दिन लगातार दूसरे दिन स्कूल बसों के लिए जांच अभियान जारी रखा। आरटीए सचिव डॉ. नीरज जिंदल की अगुवाई में सेक्टर 13-17 में स्कूलों की बसों के फिटनेस सर्टिफिकेट की जांच की गई। यहां 12 स्कूलों की 82 बसों की जांच की। अधिकारियों ने कमी मिलने पर 16 बसों के चालान किए और 12 बसों को इंपाउंड किया। आरटीए सचिव डॉ. नीरज जिंदल ने बताया कि रविवार को भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी। इस मौके पर आरटीए के सहायक सचिव शम्मी शर्मा, मोटर वाहन अधिकारी राजेश मलिक, मोटर वाहन निरीक्षक लतेश शर्मा, राज सिंह व नरसिंह उपस्थित रहे।
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एक सप्ताह में देना होगा फिटनेस सर्टिफिकेट
उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने सरकारी अवकाश के दिन स्कूलों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। डीसी ने कहा कि सभी स्कूल संचालक या प्रबंधक अपने सभी वाहनों के सुरक्षित स्कूल वाहन नीति की शत-प्रतिशत अनुपालन का शपथ पत्र एक सप्ताह के अंदर प्रशासन को देंगे। असुरक्षित वाहन को स्कूल से बाहर नहीं आने देंगे। असुरक्षित स्कूल वाहन सड़क पर मिलें तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए स्कूल प्रबंधन, संचालक, प्रिंसिपल व सचिव जिम्मेदार होंंगे। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इन वाहनों को जब्त कर लिया जाएगा।