पानीपत। ग्रामीण अंचल में कचरा डालने के लिए अलग से स्थान निर्धारित किया जाएगा। यहां इसकी व्यापक तैयारी होंगी। ताकि मशीनों से कचरा उठाते समय किसी प्रकार की असुविधा न हों और व्यवस्था भी प्रभावित न हो। साथ ही अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा। मत्स्य के उपयोग में नहीं आने वाले तालाओं की सफाई रखी जाएगी।
उपायुक्त डाॅ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने इसको लेकर वीरवार को जिला सचिवालय में स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों कुछ आवश्यक दिशानिर्देश दिया। उन्हाेंने साफ तौर पर कहा कि ग्रामीण क्षेत्र को साफ सुथरा रखना सबकी प्राथमिकता है। जरूरत के स्थानों पर सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएं। उपायुक्त ने ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़ी कार्यों की प्रगति के बारे व नए पूर्ण हुए ठोस कचरा प्रबंधन कार्य के बारे में जानकारी ली। मानसून के मौसम को देखते हुए जहां पर पानी का जमावड़ा है वहां पर मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों का फैलाव न हो इसको लेकर वहां पर काले तेल का उपयोग करना होगा। उपायुक्त परिवहन विभाग से यह सुविधा उपलब्ध कराएंगे।
उपायुक्त ने कहा कि कूड़ा एक स्थान पर डालने की बजाय बिखराव करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों से वंचित परिवारों की भी जानकारी ली और बचें हुए शौचालय निर्माण के कार्यों को जल्दी पूरा करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने गोबर गैस प्लांट की प्रगति के बारे में जाना। जिला परिषद के सीईओ गौरव ने स्वच्छ भारत मिशन के संबंधित कार्य सूची का ब्यौरा दिया। इस मौके पर डीईओ राकेश बूरा, बीडीपीओ सुरेंद्र, शक्ति सिंह व विवेक मौजूद रहे।