पानीपत। नगर निगम को अमृत योजना के तहत ग्रामीण विधानसभा के 17 वार्डों की 78 कॉलोनियों में सैकड़ों किलोमीटर सीवरेज और पेयजल पाइपलाइन बिछानी थी। इनमें जो सड़कें बनी हुई थीं, उन्हें उखाड़कर पाइपलाइन बिछाने के बाद फिर से सड़क बनाने का काम शामिल था। लेकिन, ग्रामीण विस के कुछ वार्डों में अमृत योजना के तहत उखाड़ी गईं कुछ सड़कों को नगर निगम अलग से टेंडर लगाकर बना रहा है। ऐसा ही एक मामला हाल में विकास नगर वार्ड 16 का सामने आया है। इसमें गांव नांगल खेड़ी की फिरनी को नगर निगम अपने 39.38 लाख रुपये के बजट से बनाने जा रहा है। हालांकि इस सड़क को नगर निगम ने ही सीवरेज लाइन बिछाने के लिए उखाड़ा था, जिसकी अनुमति बीडीपीओ विभाग से भी ली गई थी।
अधिकारी बताते हैं कि ऐसा इसलिए है कि नगर निगम के पास अमृत योजना का बजट खत्म हो चुका है। निगम ने सरकार से अमृत योजना पार्ट-1 के 45 करोड़ के अतिरिक्त बजट को बढ़ाने की कई माह पहले मंजूरी मांगी थी, जो नहीं मिली। इसलिए इन सड़कों को अब निगम अपने फंड से करवाने का काम कर रहा है। वहीं, अब तक कुछ ऐसे मामले में भी चर्चा में आए हैं, जिनमें रोड को योजना के तहत बनाया जाना था, लेकिन मिलीभगत से अलग टेंडर लगवाकर बनवाया गया है। इनमें से कुछ की जांच जारी है।
अमृत योजना के पार्ट-1 का काम दिसंबर 2018 में शुरू हुआ था, जिसे पूरा करने का लक्ष्य मार्च 2023 निर्धारित है। अब तक करीब 95 प्रतिशत काम पूरा किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि जितना बजट उन्हें मिला था उतना काम पूर हो चुका है। अब नया बजट आने के बाद काम शुरू होगा।
योजना के तहत निगम के ग्रामीण विधानसभा के अंतर्गत आने वाले 17 वार्डों की 78 कॉलोनियों में सीवर और पेयजल लाइन बिछाई गई है। टेंडर के अनुसार सीवरेज लाइन का कुल काम 328 किलोमीटर तय था। इसमें से करीब 260 किलोमीटर एरिया में सीवरेज लाइन बिछाई जा चुकी है, जिसमें से अब तक करीब 230 किलोमीटर की लाइन चालू हो चुकी है। अकेले सीवरेज लाइन पर पर 302 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
दूसरी ओर इसी योजना के तहत पीने के पानी के लिए योजना में 112 करोड़ रुपये से 302 किलोमीटर की पाइपलाइन बिछाई जानी थी। इसमें से अब तक 290 किलोमीटर की लाइन बिछाई जा चुकी है। पीने के पानी के 35 ट्यूबवेल भी लगाए जाने थे। इनमें से 34 लगाए जा चुके हैं।
बारिश के समय को देखते हुए पहले सड़क बननी चाहिए, ताकि लोगों को दुविधा के बजाय सुविधा मिल सके। इस प्रकार के मामले पहले भी सामने आए हैं। अगर कहीं गोलमाल मिलता है तो इसकी जांच भी करवाई जाएगी।
- दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर।