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Panipat News: यमुना क्षेत्र में हरियाणा-यूपी सीमा पर लगेंगे पिलर, सर्वे शुरू

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सनौली। हरियाणा-यूपी के किसानों के बीच चल रहे यमुना भूमि सीमा विवाद के हल के लिए यमुना नदी क्षेत्र में सीमा पर खंभे लगाए जाएंगे। इसके लिए चंडीगढ़ हाईकोर्ट के आदेश पर सर्वे ऑफ इंडिया के सर्वेक्षक ने दोनों प्रदेशों की राजस्व टीमों के साथ सर्व का कार्य शुरू कर दिया गया है। मौके पर भूमि की पैमाइश कराते हुए निशानदेही कराई जा रही है। कहा जा रहा है कि सीमा पर 112 पिलर लगाए जाएंगे। राणा माजरा गांव से इसकी शुरुआत की जाएगी।
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1974-75 में यमुना के अंदर दोनों राज्यों की सीमा रेखा पर सर्वे आफ इंडिया की टीम ने पिलर लगाए थे, मगर यमुना में तेज बहाव से और अनेक जगह पर किसानों ने एक दूसरे प्र‎देश की सीमा में खेती करने को लेकर पिलरों को उखाड़ दिया था। सीमा पर पिलर न होने से पांच वर्ष से किसानों के बीच जमीन को लेकर अक्सर विवाद होते आ रहे हैं। करीब 45 साल से यमुना में पानी कम होने पर हर साल यूपी और हरियाणा के किसानों के बीच सीमा पर स्थित जमीनों को लेकर विवाद चला आ रहा है। जहां अपने-अपने स्वामित्व को लेकर कई बार सुखी संघर्ष हो चुका है। अनेक मामले पुलिस थानों में दर्ज हैं और अदालतों में भी चले आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि पिछले दिनों चंडीगढ़ हाईकोर्ट ने दोनों प्रदेशों की सीमा पर पिलर लगाने के आदेश किए थे। आदेश के अनुपालन में बृहस्पतिवार को सर्वे ऑफ इंडिया चंडीगढ़ के सर्वेक्षक मुकेश जैन टीम के साथ यूपी-हरियाणा सीमा पर पहुंचे। वहां पानीपत जिले की यमुना के साथ लगे गांवों को लेकर हरियाणा की तहसील बापौली के नायब तहसीलदार कैलाश चंद्र, कानूनगो नरेश कुमार, पटवारी सुरेंद्र ‎‎और साथ लगती यूपी के कैराना तहसील से राजस्व कानूनगो नरेश मलिक, हलका लेखपाल फुरकान और हरियाणा की राजस्व टीम भी पहुंची। टीम ने कैराना क्षेत्र के गांव मंडावर और हरियाणा के गांव राणा माजरा के बीच दोनों प्रदेशों के राजस्व अभिलेखों का मिलान एवं जांच करते हुए भूमि की पैमाइश की गई। इसके बाद पिलर लगाने के लिए स्थान तय कर निशानदेही की गई। इस दौरान टीम द्वारा वीडियोग्राफी भी की गई। माना जा रहा है कि सीमा पर पिलर लगने के बाद यूपी और हरियाणा के किसानों के बीच दशकों से चल रहा विवाद भी समाप्त हो सकता है।
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गत आठ अगस्त को गांव मवी-हैदरपुर में यूपी-हरियाणा सीमा पर स्थित 22 बीघा भूमि को स्थानीय प्रशासन ने कब्जा मुक्त कराया था। उक्त भूमि तहसील के राजस्व अभिलेखों में नवीन परती की दर्ज है। इसके बाद हरियाणा प्रशासन ने भी भूमि पर अपना स्वामित्व जताया था। एसडीएम कैराना स्वप्निल कुमार यादव ने यूपी-हरियाणा सीमा विवाद के हल के लिए हरियाणा के समालखा एसडीएम को पत्र लिखा था। एसडीएम ने बताया कि हरियाणा प्रशासन की ओर से उनके पत्र का कोई जवाब तक नहीं दिया गया है। इसके कारण यूपी-हरियाणा सीमा विवाद लटका हुआ है।

इस बारे में सर्वे ऑफ इंडिया चंडीगढ़ से आए सर्वेक्षक मुकेश जैन का कहना है कि सर्वे ऑफ इंडिया चंडीगढ़ द्वारा यूपी-हरियाणा सीमा पर 112 पिलर लगाए जाएंगे। पिलर लगाने के लिए निशानदेही की जा रही है।

वहीं एसडीएम कैराना स्वप्निल यादव का कहना है कि मौके पर राजस्व टीम को भेजा गया है। मवी गांव में भी सीमा पर स्थित भूमि को लेकर विवाद है। इसके हल के लिए भी बातचीत की जाएगी।
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