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Panipat News: पेयजल पर जनप्रतिनिधियों संघर्ष, निगम अधिकारियों पर उठाए सवाल

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पानीपत। नगर निगम सदन की बैठक में पार्षद अशोक कटारिया ने एजेंडा रखा कि वार्ड सात की महादेव कॉलोनी, अशोक विहार कॉलोनी, हनुमान कॉलोनी के घरों में निगम पानी के दो-दो बिल भेज रहा है। यहां के लोगों को कांग्रेस राज में सिर्फ 300 लीटर की पानी की टंकी निशुल्क देकर निशुल्क पानी के कनेक्शन दिए गए थे। लोग इनके लगातार बिल भी भरते गए। कोरोना काल से अब तक तीन चार सालों से बिल जमा नहीं हो सके तो निगम की ओर से लोगों को दो दो बिल भेज दिए गए। जिन परिवारों की पानी की टंकी ही 300 लीटर की हो, उनको निगम 15 से 25 हजार के बिल भेज रहा है। यानी एक परिवार को 40 हजार तक के बिल भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई वार्डों की कॉलोनियों का भी यही हाल है। इनके बिल ठीक करवाए जाएं। जिस पर निगम सदन ने सहमति दी और आयुक्त ने बिल ठीक करवाने का आश्वासन दिया।
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इसी मुद्दे पर पार्षद रविंद्र भाटिया ने कहा कि ये योजना कांग्रेस सरकार और उनके अधिकारियों की थी। जो लोगों को एक कनेक्शन देकर दो बिलों के चक्कर में फंसा गए। इसलिए उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास होना चाहिए। सदन ने इस प्रस्ताव पर भी सहमति दी।
वार्ड तीन पार्षद अंजलि शर्मा ने कहा कि परिवार पहचान पत्र की आय वेरिफिकेशन करने वाले लोगों को चार-चार हजार रुपये ले रहे हैं। गरीब लोगों का काम नहीं हो रहा है। जबकि सरकार 1.80 लाख वार्षिक आय वालों को खुद जरूरतमंद मानती है। इसलिए ऐसे लोगों के पानी के बिल माफ करने का प्रस्ताव पास किया जाए। सदन ने इसे भी मंजूर कर लिया है।
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ट्यूबवेल से लेकर टेंडर तक का मुद्दा गरमाया :
पार्षदों ने कहा कि पब्लिक हेल्थ निगम में मर्ज हो चुका है, ट्यूबवेल खराब हो रहे हैं। इनको एक लाख तक की कोटेशन के आधार पर रिपेयर करवाने का प्रस्ताव पास करें। अधिकारियों ने कहा कि वे शॉर्ट टर्म टेंडर लगाकर इसे रिपेयर करवा सकते हैं। पार्षदों ने कहा तब तक पानी के लिए जनता परेशान नहीं हो सकती। जिस पर पानी के ट्यूबवेल के लिए कोटेशन आधारित काम करवाने को सहमति मिली।

20 करोड़ के टेंडर होंगे दोबारा आयुक्त
पार्षदों ने सदन में अफसरों से पेयजल सप्लाई टेंडर की स्टेटस रिपोर्ट पूछी तो आयुक्त ने अधिकारियों से पूछ जवाब दिया कि शहर में पानी की सप्लाई के दो टेंडर लगाए गए थे। एक 13 करोड़ और दूसरा सात करोड़ का था। टेंडर में एक एजेंसी के आने से प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अब रि-टेंडर किया जाएगा।
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