- टीडीआई प्रबंधन के अधिकारियों ने मिलीभगत कर लोगों को बेची करोड़ों रुपये में सरकारी जमीन
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। टीडीआई में फर्जीवाड़े का शिकार हुए लोग भी अब पुलिस को शिकायत देने के लिए तैयार हैं। अब तक ऐसे कई लोग सामने आए हैं जिनको टीडीआई ने लाखों करोड़ों रुपये का चूना लगाया है। ये लोग अब टीडीआई प्रबंधन से अपने पैसे वापस मांग रहे हैं, लेकिन टीडीआई अधिकारी इनके पैसे लौटाने की बजाय गुमराह करने पर लगे हैं। जिससे खफा और ठगी का शिकार हुए ये लोग टीडीआई के खिलाफ पुलिस में शिकायत देने की तैयारी कर रहे हैं। इनका कहना है कि अगर टीडीआई ने उनके पैसे नहीं लौटाए तो वे पुलिस से लेकर कोर्ट का दरवाजा तक खटखटाएंगे।
इन लोगों से टीडीआई के अधिकारियों ने मोटे पैसे लेकर इनको यूडी लैंड, पार्क, मंदिर और ग्रीन बेल्ट की जमीन में प्लॉट काट कर दे दिया। इन प्लाॅटों का टीडीआई ने अलॉटमेंट लेटर भी जारी कर दिया। जिसमें से कुछ ने तो इस अलॉटमेंट लेटर पर रजिस्ट्री तक करवा ली तो कुछ ने अपनी रजिस्ट्री तैयार करवा रखी है लेकिन इसी बीच टीडीआई का करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा सामने आ गया। जिसके बाद तहसील ने इनकी रजिस्ट्री भी रोक दी हैं। जिससे इन प्लॉटों को लेने वाले खरीदारों में रोष है। गौरतलब है कि टीडीआई प्रबंधन के इस फर्जीवाड़े की जांच पुलिस, तहसील, नगर निगम और डीटीपी कर रहे हैं। टीडीआई मालिक द्वारा पांच दिन पहले चांदनीबाग पुलिस को शिकायत भी दी गई थी लेकिन अब तक पुलिस ने भी इस मामले पर मुकदमा दर्ज नहीं किया है। दूसरी ओर डीटीपी और नगर निगम ने अभी तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की है।
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आज से शुरू होंगे धरने प्रदर्शन:
टीडीआई मेंं हुए करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन के फर्जीवाड़े के खिलाफ जन आवाज सोसायटी आज से विरोध प्रदर्शन करना शुरू करेगी। पूर्व जिला पार्षद जोगिंद्र स्वामी ने कहा कि इसकी शुरुआत मंगलवार को निगम कार्यालय देवी लाल कॉम्प्लेक्स से शुरू की जाएगी। सुबह 11 बजे सोसायटी प्रधान के साथ अन्य लोग निगम के बाहर प्रदर्शन करेंगे। जिसमें अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा कि उन्होंने सरकारी जमीन की प्रॉपर्टी आईडी कैसे बना दी।
वर्जन:
मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच की जा रही है कि किस आधार पर प्रॉपर्टी आईडी बनाई गई है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
योगेश तोमर, एटीपी, नगर निगम।