समालखा। हैफेड के गोदाम और कार्यालय के साथ लगा रास्ता बंद होने से बढ़ी समस्या का समाधान अब तक नहीं हो सका है। इससे पिछले छह माह से किसान और कॉलोनी के लोग परेशान हैं। इसे लेकर सोमवार को विभाग अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण भी किया। डीएफएससी आदित्य कौशिक और हैफेड के एसडीओ सुरेश पाल समेत कई अन्य अधिकारी, जिसमें एएफएसआई योगेंद्र पूनिया, पटवारी विकास रमन व रामनिवास के साथ मौके पर पहुंचे।
करीब डेढ़ दर्शक पहले खाद्यापूर्ति विभाग द्वारा हैफेड के साथ अपना गोदाम व कार्यालय बनाया था। साथ ही दूसरी तरफ के खेतों व कई कालोनियों में जाने का आम रास्ता था, लेकिन छह महीने पहले एक व्यक्ति द्वारा इसकी निशानदेही करवाई गई तो उक्त रास्ते की जगह उसके नाम दर्ज मिली। इसके बाद उसने वह रास्ता बंद कर दिया। इसके चलते दूसरी तरफ के खेतों में जहां किसानों की करीब तीन सौ एकड़ जमीन है और काॅलोनियों की आवाजाही बंद हो गई। एसडीएम ने चार महीने में समस्या के समाधान का आश्वासन भी दिया था, लेकिन कोई हल नहीं निकला। राजबीर, हरजीत, कुलदीप, सतीश, अजीत, वेद, नरेश, चांदराम, वेद रमन ने बताया कि 2022 से रास्ता बंद है। वे कई बार अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं किया गया। लोगों को सात किलोमीटर का लंबा चक्कर काटकर अपने खेतों पर जाना पड़ता है। डीएफएससी आदित्य कौशिक ने बताया कि मौका निरीक्षण की रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को दी जाएगी। इसमें नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।