पानीपत। नगर निगम में प्रॉपर्टी टैक्स गोलमाल में पुलिस ने धर्मबीर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जबकि आरोप में संलिप्त टैक्स ब्रांच के क्लर्क एवं सहायक को निगम अधिकारियाें ने सीट से हटा दिया है। अब पवन को सुपरिंटेंडेंट के पद पर लगाया गया था। उनकी जगह धर्मपाल को दी गई है। अब तक पवन को किसी दूसरी जगह की नियुक्ति भी नहीं दी गई है। दोबारा से गरमाए इस प्रकरण के बाद से ही पवन निगम से गैरहाजिर था। इसे देखते हुए निगम अधिकारियों ने उसे अस्थायी तौर पर पद से मुक्त किया है।
बता दें कि करीब दो साल पहले निगम अधिकारियों और कर्मचारियों ने 41 वर्ग गज की एक जमीन को 88.5 कर इसकी एनओसी जारी कर दी थी। जिस पर संपत्ति मालिक ने रजिस्टरी भी करवा दी। इस प्रकरण का भंडाफोड़ सीएम फ्लाइंग ने किया और पांच लोगों के खिलाफ थाना शहर में केस दर्ज करवाया था।
इसमें मुख्य आरोपी पूर्व कर अधीक्षक धर्मबीर को बनाया गया था। उनके साथ संपत्ति मालिक सावित्री, क्लर्क पवन, एडीए शिव कुमार और एक जूनियर प्रोग्रामर पर आरोप लगाए गए थे।
अब तक जूनियर प्रोग्रामर का नाम सामने नहीं आया है। धर्मबीर को पुलिस सलाखों के पीछे भेज चुकी है। वहीं, पवन अब निगम से गैर हाजिर चल रहा है। जिसके चलते निगम का कामकाज भी प्रभावित हो रहा था। इसी के चलते अधिकारियों ने पवन को सीट से हटा दिया है।
नगर निगम के क्षेत्रीय कराधान अधिकारी कुलदीप राणा ने बताया कि कई दिनों से गैरहाजिर रहने के चलते पवन को सीट से हटाया गया है।