पानीपत। शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा विशेष जागरूक अभियान के अंतर्गत शनिवार को आर्य पीजी कॉलेज के सभागार में आयोजित जिला स्तरीय विद्यालय प्रबंधन समिति प्रशिक्षण एवं सम्मेलन में पहुंची और अभिभावकों से रूबरू हुई। इस दौरान उन्होंने सरकारी स्कूलों के पिछले और वर्तमान परीक्षा परिणामों के साथ सुविधाओं में होने वाले अंतर के बारे में बताया। इस दौरान उन्होंने अभिभावकों से संवाद भी किया। एक अभिभावक ने बच्चों को कुरुक्षेत्र भ्रमण कराने की मांग उनके सामने रखी। मंत्री ने उसे जल्द पूरा कराने का भरोसा दिया। सीमा त्रिखा ने स्कूलों को लेकर अपना विजन भी स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि 11 दिन में 22 जिलों में बैठक की जाएंगी। उन्होंने यहां से शिक्षा रथ रवाना करने के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य शिक्षा क्षेत्र में प्रदेश को जीरो ड्राप आउट बनाने का है। वर्तमान में साढ़े 14 हजार सरकारी स्कूलों में 25 लाख बच्चे हैं। यह सरकार के प्रति अभिभावकों के भरोसे का परिणाम है। पहले अभिभावक सरकारी स्कूलों में बच्चों को दाखिला दिलवाने में संकोच करते थे। आज उन स्कूलों के बच्चे आईआईटी के अलावा अन्य क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान प्रदेश में अध्यापकों को टैब मुहैया कराने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। उन्होंने बताया कि जिले में 10 स्कूलों को अपग्रेड किया है। इसके साथ 27 स्कूलों को हाई टेक किया जा रहा है।
उन्होंने कई अभिभावकों से शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा काम करने के सुझाव भी मांगे। शिक्षा मंत्री ने स्कूलों में किचन , शेड व रसोई बनाने का भी आश्वासन दिया। शिक्षा मंत्री ने एक व्यक्ति से संवाद में पूछा कि भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी हैं तो भारत के पुत्र कौन हैं। इस पर एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिया। एक अन्य सुझाव पर स्कूल के बच्चों को मंत्री ने कुरुक्षेत्र भ्रमण कराने का वादा किया। पंचायत एवं सहकारिता राज्यमंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि 100 में से 80 सफल व्यक्ति सरकारी स्कूलों में पढ़े हैं। अब सरकारी स्कूलों के वातावरण में बदलाव आया है। पहले शिक्षा का बजट 8398 करोड़ था, जबकि अब 17 हजार करोड़ से ज्यादा है। शहरी विधायक प्रमोद विज ने स्कूल संबंधित अन्य मांगों के अलावा वार्ड 11 में सरकारी स्कूल बनवाने की मांग की। इस मौके पर भाजपा की प्रदेश महामंत्री डॉ. अर्चना गुप्ता, जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट, पूर्व मेयर अवनीत कौर, एसडीएम मनदीप सिंह, डीईओ सुभाष चंद्र भारद्वाज, अतिरिक्त निदेशक नीरज शर्मा व डीईईओ राकेश बूरा मौजूद रहे।