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पानीपत प्रदेश का सबसे प्रदूषित शहर रहा, एक्यूआई 174 दर्ज

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पानीपत। औद्योगिक नगरी पानीपत की हवा तेजी से बिगड़ रही है। बृहस्पतिवार को यह प्रदेश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। यहां का एक्यूआई 174 दर्ज किया गया, हालांकि यह बुधवार के मुकाबले 64 अंक कम रहा। एक अक्तूबर के बाद प्रदेश में एयर क्वालिटी इंडेक्स एकाएक बढ़ा है। एसीक्यूएम एक अक्तूबर से एनसीआर में ग्रैप लागू कर चुका है। ग्रैप के तहत अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। शहर की मुख्य सड़कें टूटी हुई हैं। वहां धूल उड़ रही है। धूल के कारण पीएम-10 बढ़ रहा है। प्रदूषण का केंद्र गोहाना रोड व टोल प्लाजा है। टोल प्लाजा पर जाम लगता है। वहीं पर एक्यूआई मापने का संयंत्र है। इसलिए एक्यूआई दूसरे जिलों के मुकाबले अधिक दर्ज होता है। सितंबर में प्रदेश का औसतन एक्यूआई 90 से कम था। प्रदूषण मामलों के विशेषज्ञों की मानें तो अक्तूबर व नवंबर में एक्यूआई बढ़ने का मुख्य कारण हवा का दबाव है। दवाब के कारण धुआं व धूल के कण ऊपर नहीं उठ पाते। इसलिए पीएम-10 बढ़ता है।
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प्रदेश के इन शहरों का सबसे अधिक रहा एक्यूआई-
शहर एक्यूआई
पानीपत 174
सिरसा 153
भिवानी 135
फतेहाबाद 110
इन विभागों की यह होगी जिम्मेदारी-
पीडब्ल्यूडी :
स्टेट हाईवे के किनारे पानी का छिड़काव करने की जिम्मेदारी दी गई है। गोहाना रोड, बरसत रोड, सनौली रोड व असंध रोड पर पानी का छिड़काव करने की जिम्मेेदारी यहां पीडब्ल्यूडी की है।
एनएचएआई :
जीटी रोड पर पानी का छिड़काव करना है ताकि धूल न उड़े। गांजबड़ गांव से समालखा तक पानी का छिड़काव किया जाएगा।
नगर निगम :
नगर निगम की जिम्मेदारी शहर की सड़कों पर पानी का छिड़काव करने की है। इसके लिए पेड़ पौधों पर भी छिड़काव करना है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड :
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को फैक्टरियों, होटल, रेस्टोरेंट व बैंक्वेट हॉल का निरीक्षण करना है। जेनरेटर सेट चलते मिलने पर कार्रवाई करनी है। फैक्टरियों का निरीक्षण कर रिपोर्ट सीपीसीबी को देनी है।
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कार्रवाई शुरू : क्षेत्रीय अधिकारी
हमने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। फैक्टरियों का निरीक्षण किया जा रहा है। 200 से अधिक एक्यूआई होने पर सभी विभागों को अपनी-अपनी जिम्मेदारी संभालनी होगी। जहां धूल उड़ रही है, वहां पानी के छिड़काव के लिए पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई से तालमेल बैठाया जाएगा। आने वाले दिनों में ग्रैप सख्ती से लागू होगा। 100 केवी से अधिक क्षमता वाले जेनरेटर बंद होंगे।
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- कमलजीत सैनी, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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