पानीपत। स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 का शनिवार को परिणाम आ गया है। इसमें एक से दस लाख तक की जनसंख्या वाले 382 शहरों वाली यूएलबी यानी अर्बन लोकल बॉडी में से शहर को 127 वां रैंक मिला है। जबकि पिछले साल देश की 172 यूएलबी में से शहर को 185 वां स्थान मिला था। इस हिसाब से राष्ट्रीय स्तर पर शहर ने 58 अंकों की छलांग लगाई है। जबकि प्रदेश स्तर पर निगम दो अंकों से फिसल गया है।
पिछले साल प्रदेश की 18 यूएलबी वाले शहरों में से पानीपत को सातवां स्थान मिला था लेकिन इस बार 19 शहरों में से नौंवा स्थान ही मिला है। इस बार सर्वेक्षण 7500 अंकों का था, जिसमें से शहर को 3926 अंक मिले हैं। ये अंक सर्वेक्षण के तीनों भाग जिनमें सर्विस लेवल प्रोग्रेस, सिटीजन वायस और सर्टिफिकेशन के शामिल हैं। इसके अलावा पानीपत नगर निगम को पहले ही ओडीएफ प्लस घोषित किया जा चुका है।
ऐसे मिले अंक
स्वच्छ सर्वेक्षण कुल 7500 अंकों का रहा। इसके पहल चरण यानी सर्विस लेवल प्रोग्रेस का अबकी बार 3000 अंकों का था, इसमें से शहर को केवल 1604 अंक मिले हैं। दूसरा चरण सिटीजन वायस का 2250 अंकों का था जिसमें शहर को 1721 अंक मिले। तीसरा चरण भी 2250 अंक का सर्टिफिकेशन का रहा। इसमें शहर को सिर्फ 600 अंकों से संतोष करना पड़ा। जबकि पिछले साल ये सर्वेक्षण 6000 अंकों का था। जिसमें निगम को सिर्फ 2591 अंकों से ही संतुष्ट रहना पड़ा। इसमें 2400 अंकों के सर्विस लेवल प्रोग्रेस में शहर को केवल 1179 अंक मिले। 1800 अंकों के सिटीजन वायस में शहर को 912 अंक मिले। 1800 अंकों वाले सर्टिफिकेशन में शहर को सिर्फ 500 अंकों से ही सब्र करना पड़ा था।
इनकी वजह से नहीं हो पाया सुुधार:
स्वच्छ सर्वेक्षण में पानीपत को जीरो अंक मिले हैं। निगम जीएफसी के लिए आवेदन तक नहीं कर पाया। दूसरा कागजों में निगम ओडीएफ प्लस प्लस है लेकिन धरातल पर निगम के सबसे गंदे शौचालय हैं। सफाई मित्रा सुरक्षा चैलेंज में भी निगम पिछड़ा है। अगर इनमें निगम भरसक प्रयास करता तो नतीजा और भी ज्यादा अच्छे हो सकते थे। हालांकि इस बार सिटीजन वॉयस में शहरवासियों के फीडबैक की वजह से निगम को अच्छे अंक मिले हैं। जिस वजह से रैंकिंग थोड़ी अच्छी हो सकी।
वर्जन-
राष्ट्रीय स्तर पर सुधरी रैंकिंग- निगम
नगर निगम आयुक्त श्याम लाल पूनिया और एसई रमेश कुमार ने इसे लेकर शहरवासियों समेत निगम अधिकारियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में पानीपत की रैंकिंग 127 वीं आई है, जो राष्ट्रीय स्तर पर काफी सुधरी है। भविष्य में निगम की ओर से पूरा प्रयास किया जाएगा कि आने वाले समय भी रैंकिंग को और ज्यादा बेहतर किया जा सके।