पानीपत। आबकारी एवं काराधान विभाग ने इस साल रिकॉर्ड 6820 करोड़ रुपये जीएसटी शहर से वसूली है। हर उत्पाद पर जीएसटी कई कई प्रतिशत बढ़ी है। विभाग की छापेमारी व कार्रवाई के बाद से ही जीएसटी एकाएक बढ़ी है। विभाग ने इस साल 336 करोड़ रुपये अधिक जीएसटी वसूला है। पिछले वर्ष 6484 करोड़ रुपये जीएसटी वसूला गया था। पानीपत आबकारी एवं काराधान विभाग ने अपनी रिपोर्ट मुख्यालय में भेज दी है। इस वर्ष टैक्स वसूूली का आंकड़ा 10 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद भी है।
इस वर्ष आबकारी एवं काराधान विभाग ने रिफाइनरी के तेल से 493 करोड़ रुपये जीएसटी वसूला है। पिछले साल 480 करोड़ था। प्राकृतिक गैस पर 151 करोड़ रुपये जीएसटी वसूला गया है। पिछले वर्ष 75 करोड़ रुपये वसूला गया था। एटीएफ पर पिछले वर्ष 25 करोड़ टैक्स वसूला गया था। इस वर्ष 45 करोड़ वसूला गया है। लीकर पर पिछले वर्ष 25 करोड़ रुपये टैक्स वूसला गया था। इस वर्ष 18 करोड़ रुपये वसूला गया है। इस साल 336 करोड़ अधिक टैक्स वसूली से अधिकारी उत्साहित भी हैं। विभाग के अधिकारियों ने उद्यमियों से तालमेल बनाकर काम करने की अपील भी की है। एक अधिकारी ने बताया कि विभाग ने जीएसटी चोरी करने वालों पर लगातार कार्रवाई की है। इसलिए टैक्स की वसूली बढ़ी है। आने वाले दिनों में कार्रवाई भी तेज होगी। गुरुग्राम के बाद सबसे अधिक
टैक्स देने वाला जिला पानीपत
पानीपत प्रदेश में सबसे अधिक टैक्स देने के मामले में पानीपत गुरुग्राम के बाद दूसरे नंबर पर है। पानीपत हर वर्ष 12 हजार करोड़ रुपये टैक्स के रूप में देता है। उद्यमियों के अनुसार पानीपत में लगभग 18 हजार उद्योग हैं। हर उत्पाद पर जीएसटी लिया जा रहा है। पानीपत से सरकार की अरबों रुपये की आय है लेकिन पानीपत को इसके बदले खास कुछ नहीं मिलता।