पानीपत। श्री एसएस जैन सभा द्वारा दो संतों की दीक्षा से पहले शोभायात्रा में जैन धर्म के संदेशों से औद्याेगिक नगरी गूंज उठी। यह शोभायात्रा गांधी मंडी स्थित श्री एसएस जैन सभा के कार्यालय से शुरू हुई जो बैंडबाजों और झांकियों के साथ सेक्टर-25-2 स्थित ओमाया बैंक्वेट हाल पहुंची। वैराग्य जीवन अपनाने वाले सूरज कुमार और अंशिका जैन अलग-अलग रथों पर सवार रहे। यहां संतों ने दोनों को आशीर्वचन दिए और लोगों को जैन धर्म का महात्म्य बताया।
गांधी मंडी से सुधीर जैन, राजीव जैन और विपिन जैन ने शोभायात्रा को रवाना किया। बैंडबाजे और आकर्षक झांकियों के साथ जीटी रोड संजय चौक, गोहाना मोड़, सेक्टर-25 रोड से होते हुए सोमाया बैंक्वेट हाल पहुंची। यहां दीक्षार्थी सूरज कुमार और अंशिका जैन का स्वागत किया गया। साथ ही आध्यात्मिक पाठ किया गया। जिसमें विनय जैन देवबंदी ने प्रस्तुति दी। मधुर गायक तरुण मोदी ने अपनी प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया। मुख्य मंच संचालन अमित मुनि महाराज ने किया। मुख्यातिथि दिल्ली से विनय जैन रहे और अध्यक्षता जगदीश जैन व श्री विजय जैन ने की। सुभाष जैन ने सबका स्वागत किया और दिल्ली से जिनभद्र जैन ने ध्वजारोहण किया।
जैन साधु पांच महा व्रतधारी : सुभद्र मुनि महाराज
दीक्षार्थियों के कुछ वक्तव्यों के पश्चात वेश परिवर्तन कराया। उनको साधु-साध्वी बाने में आने के पश्चात प्रवर्तक महाराज सुभद्र मुनि महाराज ने दोनों को दीक्षा पाठ पढ़ाया। उन्हें साधु जीवन के कुछ महत्वपूर्ण नियमों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि जैन साधु पांच महाव्रत धारी होता है। ये महाव्रत अहिंसा, सत्य,अस्तेय, ब्रह्मचर्य व अपरिग्रह हैं। दीक्षार्थी सूरज कुमार जैन ने कहा कि जैन धर्म सच्चा है और इसमें कोई दिखावा नहीं है। वे सच्चे साधु बनेंगे। उनको गुरुओं का ही नहीं समाज का भी आशीर्वाद चाहिए। वे पूर्व में की गई अपनी सभी भूलों के लिए सबसे क्षमा याचना करते हैं। दीक्षार्थी सुश्री अंशिका ने बताया कि वह मोक्ष मंजिल की पहली डगर पर पांव रख रही हैं।