मानव निरोधक तस्कर इकाई की टीम ने बाल श्रम कराने वालों के खिलाफ सोमवार को शहर के विभिन्न ढाबों, दुकानों और होटलों पर छापे मारे। इसकी जानकारी होते ही कई दुकानदारों ने अपने यहां काम करने वाले नाबलिग श्रमिकों को इधर-उधर कर दिया। मानव निरोधक तस्कर इकाई (एएचटीयू) करनाल इकाई की टीम के समालखा शहर में पहुंचने पर दुकानदारों, ढाबा, होटल संचालकोें में हड़कंप मच गया। टीम ने एएसआई कमल किशोर के नेतृत्व में दुकानों-ढाबों पर पहुंचकर जांच की। इस दौरान श्रमिकों से पूछताछ की गई। टीम ने मालिकों को चेतावनी देते हुए बच्चाें से श्रम नहीं कराने के लिए कहा। एएसआई कमल किशोर ने कहा कि कोई दुकानदार, ढाबा संचालक आदि अपने यहां 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से काम नहीं करवा सकते। यदि ऐसे करते हुए पकड़े जाते हैं तो दोषी को पांच वर्ष की सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इस कार्रवाई पर दुकानदारों का कहना था कि पहले 14 वर्ष की आयु का नियम था और अब 18 वर्ष की आयु का नियम निर्धारित होने का पता लगा है। वे इसका ध्यान रखेंगे। एएचटीयू की टीम में एचसी विनोद कुमार, विमल कुमार, पवन कुमार मौजूद।