महावटी गांव के राजेंद्र की हत्या का पर्दाफास करते हुए पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है। हत्यारोपी कोई ओर नहीं बल्कि मृतक राजेंद्र का बेटा मनोज उर्फ काला है, जिसने आधा एकड़ जमीन बेचने की रंजिश में पिता की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी और पुलिस को गुमराह करते हुए तीन युवकों के खिलाफ झूठी शिकायत दी थी। बार-बार बयान बदलने के शक में पुलिस ने बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वारदात का खुलासा हुआ। पुलिस ने अब आरोपी को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
आरोपी बेटे ने यह बनाई मनगढ़ंत कहानी
सीआईए-3 प्रभारी इंस्पेक्टर अंकित ने बताया कि थाना समालखा में मनोज निवासी महावटी ने शिकायत देकर बताया था कि उसके पिता राजेंद्र ने करीब डेढ़ साल पहले गांव निवासी सुनील पुत्र रामकिश को आधा एकड़ जमीन 16 लाख रुपये में बेची थी। सुनील ने चार लाख रुपये का चेक देकर बाकी पैसे एक साल बाद ब्याज सहित देने का करार किया था। 26 जुलाई की शाम उसका पिता राजेंद्र पशुबाड़े में था। देर शाम करीब आठ बजे सुनील, जयप्रकाश व जितेंद्र उसके पिता के पास घेर में आकर बैठकर शराब पीने लगे। उसके पिता ने सुनील से जमीन के पैसे मांगे तो सुनील ने अपने दोनों साथियों के साथ मिलकर उसके पिता को ईंट व डंडो चोट मारी। झगड़े का शोर सुनकर वह पत्नी के साथ मौके पर पहुंचा और पिता को आरोपियों से छुड़वाया। तीनों आरोपी चोट मारकर जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। राजेंद्र की इलाज के दौरान मौत हो गई।
बार-बार बदल रहा था बयान
पुलिस को शिकायत देने वाला बेटा मनोज बार-बार बयान बदल रहा था। वारदात के समय वह अपने आप को कभी पास की दुकान पर बैठे होने बारे तो कभी घेर में ही काम करने की बात कह रहा था। जिससे उस पर पुलिस का शक बढ़ता चला गया।हिरासत में लेकर पूछताछ की तो आरोपी ने पिता राजेंद्र की पीट पीट कर हत्या करने बारे स्वीकारा।
इसलिए की थी पिता की हत्या
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया उसके पिता राजेंद्र ने करीब डेढ़ साल पहले गांव निवासी सुनील को आधा एकड़ जमीन बेच दी थी। 26 जुलाई की देर शाम भी उसका पिता गांव निवासी सुनील, जय प्रकाश व जितेंद्र के साथ अपने घेर (पशु बाड़े) में बैठकर शराब पी रहा था। आवाज सुनकर वह घेर में पहुंचा। उसने अपने पिता राजेंद्र को तीनों के साथ बैठकर शराब पीते देख कहा पहले भी उसने सुनील को जमीन बेच दी। शराब पीने की लत में वह सारी जमीन बेच देगा। तीनों के वहा से जाने के बाद उसने अपने पिता की लात घूस्सों से पिटाई शुरू कर दी। इस दौरान उसके पिता का सिर इटों के पिलर से लगा। सिर से खून बहने लगा तो वह परिजनों के साथ पिता को इलाज के लिए सामान्य अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां पर मौत हो गई।