पानीपत। पहले खरीद धीमी और फिर उठान सुस्ताने से मंडियों में स्थिति बिगड़ती जा रही है। एजेंसियां मंडियों से खरीदा धान तक नहीं उठा पा रही हैं। मंडियों में आज करीब 76032 एमटी धान पड़ा हुआ है। इन सबके चलते आढ़तियों व किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में 27 सितंबर को धान की सरकारी खरीद शुरू की थी। हैफेड और वेयर हाउस को धान की खरीद का जिम्मा दिया गया है। इसके साथ 1509 किस्म धान की आवक शुरू हो गई। जिले में किसान पीआर के साथ 1509 धान को लेकर आ रहे हैं। मंडियों में पीआर धान की खरीद में नमी मिल रही है। ऐसे में खरीद नहीं हो पा रही है। वहीं 1509 धान की खरीद हो रही है लेकिन उसका उठान नहीं हो पा रहा है। जिले में अब तक 79547 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। हैफेड ने अब 2276.5 व एचडब्ल्यूसी ने 1239.5 मीट्रिक टन धान का उठान किया है।
मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने वीरवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर रबी फसल की सरकारी खरीद के संबंध में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसके साथ पटाखों से होने वाले प्रदूषण के मामलों के लिए भी ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। मंडलायुक्त राजीव रतन व उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने दोनों विषयों पर रिपोर्ट दी। पीआर धान न्यूनतम समर्थन मूल्य 2320 रुपये प्रति क्विंटल है। पराली व अवशेष जलाने पर प्रशासन सख्त
उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने बताया कि पराली व धान के अवशेष जलाने के मामलों में प्रशासन सख्त है। थाना प्रभारी समेत सभी संबंधित अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। किसानों को भी इसको लेकर जागरूक किया गया है। वहीं मंडी में धान खरीद को लेकर पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।