पानीपत। आश्विनी मास में एक साथ मौसम में परिवर्तन के बाद रविवार अल सुबह तेज आंधी धान के लिए नुकसानदायक साबित हुई। जिले में करीब दस हजार एकड़ में धान की फसल बिछ गई। प्रथम दृष्टया फसल में करीब दस प्रतिशत नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। इन सबके बीच रविवार को दिनभर मौसम साफ रहा।
रविवार अल सुबह करीब पांच बले एकाएक मौसम में परिवर्तन आ गया। सुबह तेज आंधी आने से शहर समेत पूरे जिले की बिजली गुल हो गई। करीब 20 मिनट तक तेज आंधी चली। इसके बाद मौसम सामान्य होता चला गया। शहर की बिजली सुबह करीब नौ बजे सुचारु हुई। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। दिन के समय मौसम सामान्य रहा। जिले में रविवार को अधिकतम तापमान 34 और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार नौ अक्तूबर को हल्के और 15 को मध्यम बादल छाए रहेंगे।
किसान सुबह ही खेत में पहुंचे तो यहां धान की फसल बिछी मिली। जिले में अनुमानत करीब 10 हजार एकड़ में धान की फसल बिछ गई है। इसमें अब 10 प्रतिशत तक नुकसान बताया जा रहा है। मौसम परिवर्तन होने पर यह नुकसान बढ़ भी सकता है। गढ़ी भल्लौर गांव निवासी इंद्र सिंह ने बताया कि उसके पास 20 एकड़ खेत हैं। इसमें धान की 1509 किस्म अधिक लगा रखी है। रविवार अल सुबह तेज आंधी आने से धान की फसल बिछ गई। इसमें अब काफी नुकसान है। मांडी गांव निवासी हरपाल व कृष्ण ने बताया कि रविवार सुबह एक साथ आई तेज आंधी से धान की फसल बिछ गई। इस समय धान की फसल में पकाई पर होने के चलते नुकसान अधिक होगा।
वर्जन
कृषि विज्ञान केंद्र उझा के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजबीर गर्ग ने बताया कि इस समय धान की फसल पकाई पर है। तेज आंधी आने पर फसल गिर गई है। अभी तक नुकसान इतना स्पष्ट नहीं बताया जा सकता। अब मौसम परिवर्तन होने पर बारिश आती है तो नुकसान बढ़ सकता है। किसानों को इस समय धान की हल्की सिंचाई करनी चाहिए।