ग्रामीणों को समझाते पुलिसकर्मी। संवाद
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समालखा। नरायणा गांव और आसपास के कृषि क्षेत्रों में वीरवार को सुबह करीब नौ बजे से अचानक ठप हुई बिजली आपूर्ति के कारण लोगों को काफी परेशानी हुई। गर्मी के साथ उनके दैनिक कार्य भी प्रभावित हो गए। काफी समय तक बिजली गुल होने से गुस्साए ग्रामीणों ने देर रात करीब दस बजे गांव में स्थित पावर हाउस पर मौजूद कर्मचारियों को बाहर निकालकर मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। ग्रामीण अरविंद, मनोज, सचिन, भोला, मोनू, साहिल, अजय और विक्रम ने बताया कि वीरवार सुबह नौ बजे से ही बत्ती गुल थी। स्थिति जानने के लिए ग्रामीणों ने बिजली निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को कई बार फोन मिलाया पर किसी ने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें इस बात की जानकारी तक नहीं दी गई कि फाल्ट कहां हुआ है और आपूर्ति कब तक बहाल होगी। ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाया और कहा कि जब भी क्षेत्र में कोई तकनीकी खराबी आती है, तो सरकारी कर्मचारी मौके पर नहीं आते। ग्रामीणों को अपनी जेब से पैसे देकर निजी कारीगरों से काम करवाना पड़ता है। दिन भर गर्मी से बेहाल रहने के बाद शाम करीब 6:39 बजे व्हाट्सएप ग्रुप में केवल इतना संदेश भेजा गया कि 33 केवी लाइन में फाल्ट आ गया है। पावर हाउस पर ग्रामीणों के हंगामे और तालाबंदी की सूचना मिलते ही डायल 112 और स्थानीय पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने उग्र ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराने का प्रयास किया और अधिकारियों से बात कर जल्द आपूर्ति शुरू कराने का आश्वासन दिया। गांव और खेतों की बिजली आपूर्ति देर रात पौने 12 बजे बहाल हो सकी और इस दौरान ग्रामीणों में निगम के खिलाफ गहरा असंतोष बना हुआ था। बिजली निगम के एसडीओ नरेश ने बताया कि तकनीकी कारणों के चलते पीछे से बिजली बंद थी। ग्रामीणों को समस्या को देखते हुए रात करीब पौने 11 बजे आपूर्ति सुचारु कर दी है।
ग्रामीणों को समझाते पुलिसकर्मी। संवाद- फोटो : samvad