संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। असंध रोड स्थित शनि मंदिर में शनिवार को शनि कथा के पहले अध्याय का वर्णन किया गया। शनि कथा के पहले अध्याय में गणेश वंदना, गुरु नमन और नवग्रहों की स्तुति के साथ शनिदेव की महिमा का गुणगान शुरू होता है, इसमें सूर्यपुत्र शनिदेव के रूप, उनके जन्म का रहस्य, उनकी न्याय प्रियता और शनि देव के शनिदेव की कथा सुनकर राजा विक्रमादित्य द्वारा शनि का उपहास करने व फिर शनिदेव के कोप का विवरण होता है। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने मंदिर में पहुंचकर कथा को ध्यानपूर्वक सुना और जीवन में धारण करने की बात कही। कथा के उपरांत मंदिर में भंडारे का आयोजन किया गया, इसमें स्थानीय लोगों और राहगीरों ने मंदिर में पहुंचकर भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।