पानीपत। सरकारी चिकित्सकों ने सोमवार को दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल रखी। यह हड़ताल हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के आह्वान पर रही। जिसमें चिकित्सकों ने सुबह नौ बजे से 11 बजे तक ओपीडी बंद रखी। जिला नागरिक अस्पताल में रेडियोलोजी विभाग में एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मरीज स्लिप बनवाकर लाइन में लगकर डॉक्टरों के आने का इंतजार करते रहे। इस दौरान डॉक्टरों के केबिन के बाहर लंबी लाइन लगी रही।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को डॉक्टरों ने महज तीन घंटे ही ओपीडी की। सामान्य दिनों में करीब 1500 ओपीडी हर रोज होती हैं। सोमवार को हड़ताल के चलते जिला नागरिक अस्पताल से लगभग 30 प्रतिशत मरीजों को बिना इलाज ही घर लौटना पड़ा। एचसीएमएस एसोसिएशन ने सरकार को 25 जुलाई तक का मांगों को लेकर समय दिया है। उन्होंने 26 जुलाई से सभी प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं बंद करने की चेतावनी दी है। इसके बाद अस्पताल में ओपीडी, इमरजेंसी व पोस्टमार्टम समेत सभी आपातकाल सेवाएं बंद होंगी।
एचसीएमएस एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. रिंकू सांगवान ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञों के लिए अलग से कैडर बनाने की मांग की जा रही है। इसको सीएम की घोषणा में शामिल किया गया था। ढाई साल बीत जाने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। एसोसिएशन ने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को भी लिखित में मांगपत्र दिया गया था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। जिसकी वजह से चिकित्सकों की मांगें लंबित हैं। उन्होंने बताया कि सर्विस में चिकित्सकों को जिस वक्त पीजी करने जाना होता है, तो एक-एक करोड़ रुपये के दो बांड भरने पड़ते हैं। एसोसिएशन की मांग है कि पुरानी पॉलिसी को लागू कर दिया जाए। पहले यह राशि 50 लाख थी, लेकिन सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। मांगे नहीं माने जाने पर 26 जुलाई से सभी सेवाएं बंद होगी। इस मौके पर डॉ. बिजेंद्र हुड्डा, डॉ. वीरेंद्र ढांडा, डॉ. राघवेंद्र, डॉ. प्रीति, डॉ. सुखदीप, डॉ. शालिनी मेहता, डॉ. शशिलता व डॉ. पवन उपस्थित रहे।
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एसोसिएशन की प्रमुख मांग
डॉक्टरों के लिए एक विशेषज्ञ कैडर का गठन हो, गतिशील सुनिश्चित कॅरियर प्रगति (एसीपी) योजना लागू हो। एसएमओ की सीधी भर्ती पर तुरंत रोक लगाई जाए। पीजी के लिए बॉन्ड राशि एक करोड़ से 50 लाख किए जाने की मांग। ग्रामीण क्षेत्रों को दूरस्थ घोषित कर पीजी कोटा बहाल करने की मांग। स्पेशलिस्ट के लिए अतिरिक्त इंसेटिव। डॉक्टर की 10 साल में प्रमोशन। जल्द पीजी पॉलिसी बनाने की मांग।
कानों की जांच करानी थी : पिंकी
हरिनगर निवासी पिंकी ने बताया कि उसको कानों की जांच करानी थी। यहां आने के बाद पता चला कि चिकित्सक हड़ताल पर हैं। कुछ लेागों की पर्ची बनाने के बाद पर्ची बंद कर दी। उसको बिना इलाज ही घर जाना पड़ रहा है। अगर चिकित्सक हड़ताल पर हैं तो सरकार को दूसरी व्यवस्था करनी चाहिए थी। मरीजों को बिना इलाज घर जाना पड़ रहा है।
काम छोड़कर इलाज कराने आए : सतबीर
राजनगर निवासी सतबीर ने बताया कि वह छाती की जांच कराने आया था। यहां चिकित्सक नहीं मिले। वह काम छोड़कर यहां इलाज कराने आए आया। उसकी पर्ची भी नहीं कटी। मजदूर व्यक्ति काम छोड़कर आता है। उसकी दिहाड़ी भी टूटती है । उसको इलाज भी नहीं मिलता। सरकार इसके लिए जिम्मेदार है।
पैर में चोट का इलाज नहीं हो सका : धन्नो
सौदापुर निवासी धन्नो ने बताया कि वह सीढि़यों से गिर गई थी। उसके पैर में चोट है। वह चल नहीं पाती। वह सोमवार को बड़ी मुश्किल से अस्पताल में पहुंची। यहां चिकित्सक नहीं मिले। अब वापस घर जाना पड़ेगा। बहुत परेशानी हो रही है। अगर पैसे होते तो निजी अस्पताल में इलाज करवा लेते ।