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पानीपत पर एनसीआर के नियम ही लागू, एनसीआर कमेटी ने स्पष्ट नहीं की स्थिति

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पानीपत। सवा माह पहले सरकार ने पानीपत शहर और मतलौडा को एनसीआर से बाहर करने के लिए प्लानिंग कमेटी के पास प्रस्ताव भेजा था। एक माह बाद भी प्लानिंग कमेटी की बैठक नहीं हुई है। ऐसे में अब तक उद्यमियों को यह स्पष्ट नहीं हो सका कि पानीपत शहर और मतलौडा एनसीआर से बाहर होंगे या नहीं। ऐसे में फिलहाल पानीपत पर एनसीआर के नियम ही लागू होंगे। वहीं कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने ग्रैप को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। एक अक्तूबर से पूरे एनसीआर में ग्रैप लागू होगा। इसके अनुुसार अगर दिल्ली में एक्यूआई 400 से अधिक होगा तो पानीपत के उद्योगों को दो दिन बंद रखा जाएगा।
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विदित हो कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन यह साफ कर चुका है कि 30 सितंबर के बाद कोयला संचालित उद्योग नहीं चलने दिए जाएंगे। इसके बावजूद अब तक शहर में महज 20 उद्योगों ने ही पीएनजी कनेक्शन लिया है। ऐसे में उद्यमियों के लिए परेशानियां बढ़ गई हैं। उद्यमी शहर को एनसीआर से बाहर होने की आस में पीएनजी के कनेक्शन नहीं ले रहे हैं और कनेक्शन लेने के लिए महज 42 दिन ही बचे हैं।
वहीं टेक्सटाइल नगरी अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। केमिकल और कोयले के दाम बढ़ने से माह में आठ दिन डाइंग यूनिट बंद करनी पड़ रही है। अब ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने और मांग न होने के कारण उद्यमियों ने सप्ताह में एक दिन मिंक इंडस्ट्री बंद करने का फैसला किया है। ट्रांसपोर्टर्स ने भाड़ा कम करने से साफ इंकार कर दिया है। ऐसे में 120 में से 30 मिंक इंडस्ट्री स्थायी तौर पर बंद हो चुकी है। कोयले और केमिकल के दाम बढ़ने से आहत डायर्स पिछले एक माह से शनिवार और रविवार को उद्योग बंद रख रहे हैं। हर रविवार व शनिवार को शहर के 450 डाइंग हाउस बंद रहते हैं। उद्यमियों ने लेबर की माह में चार अतिरिक्त छुट्टी कर दी है। अब इन चार छुट्टियों का वेतन भी काटा जा रहा है। माह में चार दिन डाइंग यूनिट बंद होने से कपड़ा उद्यमियों को भी माल देरी से व महंगा मिल रहा है। डाइंग यूनिट को ऑर्डर नहीं मिल रहे हैं, क्योंकि एक्सपोर्ट कम हो गया है। कोयले का रेट छह से बढ़कर 16 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। केमिकल के रेट 100 से बढ़कर 200 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। डाइंग में इस्तेमाल होने वाले सभी पांचों केमिकलों के दाम दोगुने हो गए हैं। लिक्विड ब्रीच का रेट दो से बढ़कर आठ रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। ऐसे में डाई करना उद्यमियों के लिए तीन गुना महंगा हो रहा है। डायर्स ने भी अपने रेट 20 प्रतिशत बढ़ा दिए हैं। इससे टेक्सटाइल कारोबार को झटका लग रहा है।
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सरकार से अपील जल्द मीटिंग करने के निर्देश दें: भीम
अब तक एनसीआर की स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। उद्यमियों के पास काफी कम वक्त है। एनसीआर प्लानिंग कमेटी को जल्द अपना निर्णय लेना चाहिए, ताकि भ्रम की स्थिति खत्म हो। उद्यमी शहर को एनसीआर से बाहर होने की आस में बैठे हैं।
- भीम राणा ,प्रधान डायर्स एसोसिएशन
जल्द से जल्द फैसला हो : प्रीतम
एक माह बाद भी एनसीआर प्लानिंग कमेटी की मीटिंग नहीं हुई है। कमेटी जल्द मीटिंग कर इस पर फैसला लें। अगर पानीपत शहर एनसीआर से बाहर होता है तो ये बड़ी सौगात होगी।
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- प्रीतम सचदेवा, प्रधान पानीपत इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
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