पानीपत/सनौली। बाढ़ में टूटे नवादा आर गांव के तटबंध को कड़ी मशक्कत में 72 घंटे बाद बंद करने में सफलता मिल गई। प्रशासन ने शुक्रवार रात करीब दो बजे इसे बंद कर दिया। इसके बाद शनिवार को सुबह मिट्टी के कट्टे लगाए गए। तटबंध बंद होने से अधिकारियों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। प्रशासन की टीमें तामशाबाद में तटबंध बंद करने में जुटी रहीं। यहां पांच जेसीबी व 14 डंपर लगाए हैं। सिंचाई विभाग के एक्सईएन, चार एसडीओ व चार जेई पिछले पांच दिन से बांध बंद करने में जुटे हैं। अब तट लगभग 10 फीट बंद होना बाकी है। सिंचाई विभाग के अनुसार रविवार दोपहर तक इसको बंद कर दिया जाएगा। फिलहाल यमुना का जलस्तर घट रहा है।
अब यमुना खतरे के निशान के नीचे 230.30 मीटर पर बह रही है। शनिवार को नवादा आर व तामशाबाद गांवों की गलियों में पानी कम हुआ। शनिवार को हथिनीकुंड बैराज से 1.22 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह पानी रविवार तक पानीपत पहुंचेगा। उपायुक्त वीरेंद्र दहिया ने शनिवार को दोनों तटबंधों का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने ग्रामीणों को नष्ट फसल की गिरदावरी का भी आश्वासन दिया। इन सबके बीच शनिवार शाम को मध्यम से तेज बारिश हुई। बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
यमुना का तटबंध टूटने से सनौली खुर्द से गांव नवादा पार, जलालपुर द्वितीय, पत्थरगढ़, राणा माजरा व गढसी बेसक को जाने वाली सड़क पूरी तरह बंद हो गई थी। इससे इन पांच गांवों का संपर्क कट गया था। शनिवार को पानी उतरने के बाद गांव नवादा पार व नवादा आर के बीच टूटी हुई सड़क के गड्ढे भर सड़क आमजन के लिए खोली गई। इसी सड़क पर 10 फीट गहरा गड्ढा बन गया था। यहां आर्मी की गाड़ी भी गिर गई थी। इसमें छह जवान घायल हो गए थे।
यमुना का तटबंध टूटने से सनौली खुर्द ब्लाॅक के सभी सरकारी स्कूलों को बंद कर दिया गया था। इन गांवों के बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही थी। सनौली खुर्द ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कृष्णा खत्री ने बताया कि तटबंध टूटने से सरकारी व निजी स्कूलों को बंद कर दिया गया था। अब सोमवार से सभी स्कूल खुलेंगे।
यमुना नदी के जलस्तर में लगातार तीसरे दिन एक मीटर से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। अब बहाव चेतावनी बिंदु से नीचे आ गया है। तीन दिन पहले तक यमुना उफान पर थी। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश के चलते यमुना का जलस्तर खतरे के निशान 231.50 मीटर से 75 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था। हथिनीकुंड बैराज से निरंतर छोड़े जा रहे पानी की मात्रा धीरे-धीरे कम होती गई, तो जलस्तर में भी गिरावट हुई। शनिवार को जलस्तर में एक मीटर से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। शनिवार की शाम चार बजे यमुना पुल पर बहाव 230.20 मीटर पर रहा। यहां से चेतावनी बिंदु 231 मीटर पर है। इसके अलावा हथिनीकुंड बैराज से शनिवार सुबह सात बजे 37138 क्यूसेक, आठ बजे 42658 क्यूसेक व शाम चार बजे 43168 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
एक तटबंध को बंद कर दिया गया है। दूसरे को भी जल्द बंद कर दिया जाएगा। यमुना का जलस्तर घट रहा है। धीरे धीरे स्थिति सामान्य हो रही है। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। अधिकारी लगातार निरीक्षण भी कर रहे हैं।
वीरेंद्र कुमार दहिया, उपायुक्त।