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पानीपत को एनसीआर से बाहर करने की मांग पर सीएम ने किए हाथ खड़े, बोले- ये मुश्किल

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पानीपत। शहर के छह सौ उद्योगों का ताला खुलवाने के लिए चार इंडस्ट्रियल एसोसिएशनों के अध्यक्ष व संरक्षकों ने चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की। उद्यमियों को सीएम से खास राहत नहीं मिली, लेकिन सीएम ने इस मामले में उद्यमियों को कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) के चेयरमैन से सिफारिश करने का आश्वासन दिया है। उद्यमियों ने मुख्यमंत्री से पीएनजी की सप्लाई के लिए दो साल का वक्त मांगा था। यहां सीएम ने उद्यमियों को कहा कि वे छह माह का वक्त दिलाने के लिए सीएक्यूएम के चेयरमैन से बात करेंगे। उद्यमियों को सबसे बड़ा झटका पानीपत के एनसीआर के बाहर न होने का लगा। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों को साफ कर दिया कि पानीपत एनसीआर से बाहर नहीं हो सकता। दिल्ली से 100 किलोमीटर दूर वाले शहर ही बाहर हो सकते हैं।
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मुख्यमंत्री मनोहरलाल से उद्यमियों को वैसे तो हर पहलू पर सकारात्मक जवाब मिले। सीएम ने उद्यमियों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया, लेकिन वे सीएक्यूएम के आदेश के सामने बेबस ही नजर आए। सीएम ने साफ कहा कि यह मामला उनकी सरकार के दायरे से बाहर है। फिर भी वह अपनी ओर से एक प्रयास कर सकते हैं।
सीएक्यूएम ने लगभग छह सौ ऐसे उद्योगों की लिस्ट तैयार की है, जिन पर कार्रवाई होनी है। मैनेजमेंट ने इन उद्योगों का पूरा डाटा जुटाया है, जिसमें किस उद्योग में कौन सा ईंधन इस्तेमाल हो रहा है। किस उद्योग में पीएनजी की सप्लाई है, किन उद्योगों ने पीएनजी की सप्लाई के लिए अप्लाई किया है। किन क्षेत्रों में पीएनजी की पाइपलाइन नहीं है... आदि बिंदुओं के आधार पर कार्रवाई होगी।
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सीएक्यूएम ने एक साल पहले ही उद्यमियों को साफ निर्देश दिया था कि 30 सितंबर के बाद सिर्फ पीएनजी और बायोमास पर ही उद्योग चलेंगे। कोयला संचालित उद्योगों को बंद कर दिया जाएगा। पानीपत के 44 उद्यमियों ने तो पीएनजी की सप्लाई ले ली, अब भी 600 उद्यमियों ने सप्लाई नहीं ली है। लगभग 50 उद्यमियों ने पीएनजी के लिए आवदेन किया है।
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