सनौली । कांवड़ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सनौली यमुना नदी पर बने पुराने पुल की जर्जर हालत को देखते हुए प्रशासन ने उसे बंद करा दिया है। यहां बैरिकेडिंग करा दी गई है। कांवड़ियों की सुरक्षा के लिहाज से यह फैसला लिया गया है। अब शिवभक्तों का नए पुल से ही आवागमन होगा।
दशकों पहले यूपी-हरियाणा सीमा पर यमुना नदी पर बनाया गया पुराना पुल इन दिनों जर्जर हालत में है। कांवड़ यात्रा के दौरान हरियाणा, राजस्थान आदि के हजारों शिवभक्तों का पुल से आवागमन होता है। इसलिए प्रशासन ने जर्जर पुल पर आवागमन प्रतिबंधित करा दिया है। पुल के दोनों तरफ बैरिकेडिंग करा दी गई है। इस पुल की रेलिंग भी कई जगह से खस्ताहाल हो चुकी है। हरियाणा के रास्ते हरिद्वार गंगाजल लेने जाने वाले कांवड़िए नए पुल से होकर जाएंगे, जबकि प्रस्थान भी यहीं से होगा।
सनौली यमुना बार्डर पार कर यूपी किनारे पर जाने वाले सभी भारी वाहनों में देर शाम से यूपी पुलिस-प्रशासन ने रोक लगा दी है। हरियाणा से यूपी बार्डर की और हरिद्वार जाने जाने सभी भारी वाहनों को यमुना बार्डर के यूपी किनारे पर पुलिस ने रोक कर वापस हरियाणा की तरफ भेजा जा रहा हैं। हरियाणा से यूपी की ओर जाने वाले भारी वाहनों को यमुना बार्डर कैराना यूपी में भारी वाहनों के लिए बार्डर सील कर दिया गया हैं।
घाट पर गोताखोरों ने डाला डेरा -
कांवडिए बॉर्डर पर पड़ने वाली सनौली यमुना नदी में स्नान करते हैं। इसी के दृष्टिगत यमुना घाट पर प्राइवेट हरियाणा-यूपी के गोताखोर दिलशाद, मुस्तकीम उर्फ बिल्लू, मासूम, जाहिद, जाहिद हसन, नौशाद, साजिद, मो. अफजाल, उस्मान, अदरीश व जुल्फकार ने डेरा डाल लिया है। वह 24 घंटे मुस्तैद रहेंगे। उन्हें मोटरबोट भी मुहैया कराई गई है। दूसरी तरफ सरकारी गोताखोरों को भी बुलाया गया है।
वॉच टावर खाली नजर आए:
सोमवार से सावन मास शुरू हो चुका है। अब धीरे-धीरे शिवभक्त कांवड़ियों की संख्या में भी वृद्धि होगी। प्रशासन की ओर से यमुना पुल पर बनवाए गए दो वॉच टावरों पर सोमवार को कोई पुलिसकर्मी तैनात नजर नहीं आया। इन वॉच टावरों के माध्यम से ही कांवड़ यात्रा मार्ग पर हर गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।