समालखा। जीटी रोड की सर्विस लेन के दोनों तरफ बने कॉमर्शियल और रिहायशी भवनों की निकासी व्यवस्था कैसे हो, इसे लेकर नगर पालिका, जन स्वास्थ्य विभाग, एचएसआईडीसी के अधिकारी और एनएचएआई के ठेकेदार समेत कंपनी वेलस्पन के पदाधिकारी दौरा कर माथापच्ची करने में लगे रहे, लेकिन इसका समाधान नहीं निकल सका। अधिकारी जल्द ही निकासी की बात कहकर अपनी गाड़ियों में बैठकर चलते बने। मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष अशोक कुच्छल भी थे। वेलस्पन कंपनी के पदाधिकारियों का कहना था कि उन्होंने अपनी ड्रेन बना दी है। सर्विस रोड की निकासी की व्यवस्था नगरपालिका को करनी है।
जीटी रोड के चौड़ीकरण का कार्य पिछले तीन वर्ष से भी अधिक समय से चल रहा है। इस दौरान शहर की सर्विस रोड का भी निर्माण एनएचएआई की ठेकेदार कंपनी द्वारा किया जाना था। शहर की करीब दो किलोमीटर लंबी सर्विस लेन पर दोनों तरफ कॉमर्शियल और रिहायशी भवन हैं। इनकी निकासी पहले साथ से गुजर रहे नालों के जरिए होती थी, लेकिन एनएचएआई के ठेकेदार द्वारा एक तरफ भवनों के आगे बिजली केबल बिछाने के लिए ट्रंच बनाई है, जो अधर में है। दूसरी तरफ भी ऐसे ही है। इन ट्रंच के कारण दोनों तरफ के नाले बंद कर दिए। इसके कारण इन भवनों की निकासी ठप हो गई है। ट्रंच में बिजली केबल न बिछने से जुगाड़ करते हुए भवन मालिक इन्हीं ट्रंच में गंदा पानी डाल रहे हैं, जबकि ठेकेदार को जल्द ही काम पूरा करना है।
निकासी की दूसरी व्यवस्था न होने से समस्या पैदा हो गई है। सर्विस लेन से निकासी को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग के जेई दीपक, नगर पालिका के एमई राजकुमार, जेई गौरव कुमार, एचएसआईआईडीसी के एजीएम राजबीर सिंह, वेलस्पन कंपनी के पदाधिकारी राहुल जैन ने दोनों तरफ निकासी को लेकर जायजा लिया, लेकिन समस्या का हल नहीं निकल सका। वेलस्पन कंपनी के पदाधिकारी राहुल जैन का कहना था कि उन्होंने रोड की निकासी के लिए ड्रेन बना दी है। भवनों की निकासी को लेकर यहां के विभाग को ड्रेन बनानी हैं। वहीं नपा, जनस्वास्थ्य विभाग व एचएसआईआईडीसी एक दूसरे पर ड्रेन बनाने की जिम्मेदारी थोपते दिखे। इसके बाद सभी अपनी गाड़ियों में बैठकर चले गए।