पानीपत। निगम अधिकारियों की जानकारी के बिना ही उनके फर्जी हस्ताक्षर से प्रॉपर्टी आईडी और एनडीसी बनवाने के गड़बड़झाले का जल्द ही भंडा फूटने वाला है। अब तक सैकड़ों ऐसी फाइलें लेवल वन और टू पास कर ऑनलाइन हो चुकी हैं, जिन पर अधिकारियों के हस्ताक्षर फर्जी हैं और ये फाइलें अधिकारियों के संज्ञान में भी नहीं हैं। क्योंकि ये फाइलें उनके यूजर आईडी से भी ऑनलाइन नहीं की गईं। इनको ऑनलाइन करने का काम दूसरे कर्मचारी करने लगे हैं। अब तक कुछ फाइलें अधिकारियों ने खुद पकड़ी हैं। कुछ पर एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस को लिखा है तो कुछ पर विभागीय जांच के लिए कार्रवाई की जा रही है। इसे लेकर अधिकारी निगम में खुलकर पत्राचार करने लगे हैं। एक अधिकारी ने तो बृहस्पतिवार को अपना यूजर आईडी तक बंद कर दिया। दूसरे अधिकारी अब तक पास की गई फाइलों की जांच पड़ताल करने के लिए मुख्यालय से रिकार्ड तलब कर रहे हैं।
एक्शन मोड में आए निगम अधिकारियों की इस रणनीति से निगम के दलालों के होश उड़ा दिए हैं। कुछ कर्मचारी भी डरे हुए हैं, क्योंकि वे फर्जीवाड़े में दलालों का पूरा सहयोग कर रहे हैं। जैसे ही मुख्यालय से रिपोर्ट आती है, निगम अधिकारी फर्जीवाड़े में शामिल दलालों और भ्रष्टाचार में संलिप्त रहने वाले कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने का प्लान बना चुके हैं।
अब तक यह हुई कार्रवाई
- निगम के एक्सईएन एवं डीटीपी सुंदर श्योराण ने फर्जी हस्ताक्षर वाली दो फाइलें पकड़ी। इन पर पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के लिए लिखा। इसके बाद उनके अधीन आने वाले वार्डों की वे फाइलें, जो किसी अन्य अधिकारी के यूजर आईडी से पास या ऑनलाइन की गई हैं, का मुख्यालय से रिकार्ड मांगा है, ताकि यह सच सामने आ सके कि उनके अधीन आने वाली फाइलों को किस अधिकारी ने अपने यूजर आईडी से उनके संज्ञान के बिना ही क्यों पास किया है।
- एक्सईएन नवीन सहरावत ने भी दो फाइलें पकड़ी। इन पर कार्रवाई के लिए पुलिस को लिखा। जांच के लिए डीएमसी को पत्राचार किया। ये फाइलें कहां से आ रही हैं और कौन इनके पीछे है, इसका पता नहीं चल पाया है।
- डीएमसी तक इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए निगम आयुक्त को चार पेज का सुझाव पत्र भेज चुके हैं, ताकि इस फर्जीवाड़े पर लगाम लगाई जा सके। इसमें निगम के जेई स्तर के अधिकारियों को सख्त निर्देश भी दिए गए हैं।
बोले अधिकारी
एक्सईएन सुंदर श्योराण, नवीन सहरावत, डीएमसी से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि ये मामले संज्ञान में आए हैं। इनको लेकर उच्च अधिकारियों को पत्राचार किया जा रहा है। जल्द ही जांच पड़ताल पूरी की जाएगी। इसमें दोषी मिलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।