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Panipat News: अब सप्ताह में दो दिन बंद रहेंगे धागा उद्योग

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पानीपत। अमेरिका में महंगाई, जर्मनी में मंदी और रूस-युक्रेन युद्ध से धागा उद्योग बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। अमेरिका व यूरोप में टेक्सटाइल उत्पादों की मांग न के बराबर हो गई है। धागे की मांग घटने से कीमत भी 20 प्रतिशत घट गई। इसी के चलते धागे की कीमत अब 110 रुपये प्रति किलो से कम होकर 85 रुपये तक पहुंच गई है। इसका पानीपत टेक्सटाइल नगरी पर भी वितरित असर पड़ा है। पिछले डेढ़ माह से धागे के 140 उद्योग अब एक शिफ्ट में चलाने पड़ रहे थे। अब परेशान धागा उद्यमियों ने उद्योगों को सप्ताह में शुक्रवार व शनिवार दो दिन बंद रखने का फैसला किया है।
इसी संदर्भ में सोमवार को सेक्टर-25 के निजी होटल में नॉर्दन इंडिया रोलर स्पिनर्स एसोसिएशन के प्रधान प्रीतम सिंह सचदेवा की अध्यक्षता में एक बैठक की गई। जिसमें धागा उद्योगों को सप्ताह में दो दिन बंद रखने का निर्णय लिया गया। बैठक में बताया गया है कि दक्षिण भारत में भी मंदी की मार झेल रहे धागा उद्यमी दो दिन अपने उद्योग बंद रख रहे हैं। इससे करीब 25 प्रतिशत धागे का उत्पादन कम होगा। इसका सीधा असर कंबल व बेड शीट उद्योग पर भी पड़ेगा।
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पानीपत ने वर्ष 2022 में टेक्सटाइल के साथ-साथ धागा उत्पादन में भी कीर्तिमान स्थापित किया था। पानीपत ने 20 लाख किलोग्राम धागे का प्रतिदिन उत्पादन कर इटली को पीछे छोड़ दिया था। धागा उद्योग में आई क्रांति से उद्योगपतियों ने भी अपने उद्योगों को कंबल या बेड शीट से धागे में स्थानांतरित कर लिया था। पिछले चार साल में धागा उद्योग कई नई इकाइयां भी खुलीं, मगर अब विदेशों में घटी टेक्सटाइल उत्पादों की मांग से धागा उद्योग मंदी की मार झेल रहा है।


घरेलू मार्केट 90 हजार व निर्यात 16 हजार करोड़ का

पानीपत से पूरे देश व विदेश में कंबल, बेडशीट, पिल्लो कवर, सोफा कवर, पर्दे, तौलिया समेत इत्यादि टेक्सटाइल उत्पाद सप्लाई होते हैं। अकेले पानीपत की घरेलू मार्केट 90 हजार करोड़ व निर्यात 16 हजार करोड़ का है। पानीपत से 112 देशों में निर्यात होता है। दो साल पहले पहली बार ब्राजील व ईरान में भी निर्यात शुरू किया गया है।
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मजबूरी में लेना पड़ा फैसला : प्रीतम
पानीपत इंडस्ट्रीज एसोसिएशन और नॉर्दन इंडिया रोलर स्पिनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रीतम सिंह सचदेवा ने कहा कि अब धागा उत्पादन महज 50 फीसदी रह गया है। फिलहाल टेक्सटाइल उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय मार्केट में मांग नहीं है। इसलिए धागे की खपत भी 50 प्रतिशत कम हो चुकी है। धागे की कीमत में भी 20 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। उद्यमियों को मजबूरन सप्ताह में दो दिन उद्योगों को बंद करने का फैसला लेना पड़ रहा है। इससे 25 प्रतिशत धागा उत्पादन कम होगा। कंबल व बेड शीट उद्योगों पर ही इसका असर पड़ेगा।
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