पानीपत। चुनाव के बाद अब रुके हुए प्रोजेक्ट दोबारा शुरू होंगे। स्वास्थ्य विभाग अब जिले में तीन बड़े प्रोजेक्ट पर काम शुरू करेगा। जिला नागरिक अस्पताल में पीडियाट्रिक हाई डिपेंडेसी यूनिट को जल्द तैयार करेगा। हो चुकी है। यूनिट में डॉक्टरों व नर्सिंग ऑफिसर लिए केबिन बना दिए गए हैं। अब यहां पर वेंटिलेटर इंस्टॉलेशन का काम शुरू होना है। क्रिटिकल केयर ब्लॉक का काम शुरू करने के लिए पीडब्ल्यूडी को पहली किस्त की पांच लाख रुपये राशि दी जा चुकी है।
अब पीडब्ल्यूडी को इस पर काम करने के लिए पत्र लिखा जाएगा। समालखा में पोस्टमार्टम सेवाएं शुरू करने के लिए इसी सप्ताह सिविल सर्जन वहां का निरीक्षण करेंगे। नवंबर के पहले सप्ताह में यहां पोस्टमार्टम सेवाएं शुरू हाे सकती है। डॉ. भावना को पीएचडीयू की प्रभारी बनाया गया है। यहां पर तीन माह के नवजात से 18 साल तक के गंभीर युवक का इलाज होगा। डॉक्टरों को इन्हें खानपुर या रोहतक पीजीआई रेफर नहीं करना पड़ेगा। वार्ड को तैयार करने के करीब साढ़े 20 लाख रुपये का खर्च आया है। पीएचडीयू को तैयार होने में लगभग ढाई साल का समय लगा है। वहीं जिला नागरिक अस्पताल से रेफरल भी काफी कम होगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से चुनाव के बाद इसका उद्घाटन किया जाएगा। 2021 में आई कोरोना की लहर में स्वास्थ्य विभाग ने पीएचडीयू बनाने की योजना बनाई थी। जिले में पहली और दूसरी लहर में चार हजार से अधिक बच्चे कोरोना संक्रमित हुए। हालांकि 18 साल से कम आयु के किशोरों और बच्चों का रिकवरी रेट 100 प्रतिशत रहा था। प्लानिंग थी कि संक्रमण से गंभीर हालत में पहुंचे बच्चों का इलाज जिला नागरिक अस्पताल की पीएचडीयू में ही हो सके। इसके लिए जनवरी 2021 में ही इसे तैयार किया जाना था लेकिन बजट के अभाव में ये काम अधर में लटका हुआ था। 2022 दिसंबर में बजट जारी हुआ था। अब इस वार्ड में विभिन्न बीमारियों के गंभीर बाल रोगियों को रखा जाएगा।
जिला नागरिक अस्पताल के परिसर में ही 20 करोड़ में 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनना है। इसमें ट्रामा के मरीजों का इलाज होगा। यहां से गंभीर मरीजों को रोहतक रेफर नहीं करना पड़ा। प्रदेश में पंचकूला व पानीपत में क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनना है। इसके लिए जगह पहले ही चिह्नित की जा चुकी है। अब इस पर काम शुरू होना है।
पिछले डेढ़ साल से स्वास्थ्य विभाग समालखा अस्पताल में पोस्टमार्टम सेवाएं शुरू करने का प्रयास कर रहा है। यहां बनाए गए शवगृह के भवन में खामियों के कारण यह सेवा शुरू नहीं हो पाई है। 77 लाख में यहां शवगृह बनकर तैयार हुआ है। अब पीडब्ल्यूडी ने इसकी खामिया दूर कर दी है। जल्द इसको स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर किया जाएगा। यह सेवा शुरू होने के बाद बापौली व समालखा के लोगों को शवों का पोस्टमार्टम कराने जिला नागरिक अस्पताल नहीं आना पड़ेगा।
वर्जन-
जिला सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि तीनों ही बेहद जरूरी प्रोजेक्ट हैं। समालखा में नवंबर तक पोस्टमार्टम सेवाएं शुरू करने का प्रयास है। पीएचडीयू भी तैयार हो चुका है। सीसीयू का काम भी जल्द शुरू होगा।