पानीपत। शहर में बसी 40 स्लम एरिया की बस्तियों के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। सरकर ने इनमें करीब 11.04 करोड़ के विकास कार्याें को पूरा करवाने की तकनीकी मंजूरी दे दी है। इससे पहले इस योजना के अनुसार निगम इसकी प्रशासकीय मंजूरी ले चुका है। अब निगम इसकी डीएनआईटी रिपोर्ट भेजकर मंजूरी लेगा, जिसके बाद इन एरिया की बस्तियों में विकास कार्य करवाए जा सकेंगे। इनमें पीने के पानी से लेकर सीवर लाइन, निकासी के लिए नालियां और सड़कों के निर्माण का काम होगा।
शहरी विधायक प्रमोद विज ने बताया कि शहर की स्लम एरिया की बस्तियों में विकास के लिए काफी दिनों से प्रयास किए जा रहे थे। इसके 44 करोड़ प्रस्तावित थे। अब सरकार ने 11 करोड़ की तकनीकी मंजूरी दी है। इस पैसे से इन बस्तियों में सीवर, पानी, सड़क और निकासी के विकास कार्य होंगे। इसके लिए वार्ड वाइज और बस्ती वाइज सर्वे कर विकास कार्यों की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जिसके बाद टेंडर लगाकर इनमें विकास कार्य करवाए जाएंगे। सबसे पहले वहां काम होगा जहां काम की सबसे ज्यादा जरूरत है। इसके अलावा इन बस्तियों में निगम से स्ट्रीट लाइटों को लगवाने की डिमांड भी भेजी थी। बता दें कि ये प्रोजेक्ट करीब एक साल से लंबित था। जो अब सिरे चढ़ने जा रहा है।
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यहां होगा काम
इस प्रोजेक्ट में वार्ड नंबर 10 में की चांदनी बाग एरिया की दो गलियों, सनौली रोड स्थित चंदन नगर, गंगापुरी रोड का कुछ एरिया, संजय चौक के पास ढेहा बस्ती में विकास कार्यों की फिजिबिलिटी चेक की जा चुकी है। वहीं, इससे पहले निगम टीम वार्ड नंबर 18 की कई स्लम बस्तियों में भी फिजिबिलिटी रिपोर्ट चेक कर चुकी है। अब वार्ड नंबर 17 और 19 समेत कई अन्य वार्डों की स्लम एरिया बस्तियों का भी सर्वे किया जाएगा।
एक साल पहले हो चुका है सर्वे : पार्षद
निगम की टीम एक साल पहले नवंबर 2022 को वार्ड की स्लम एरिया की बस्तियों को निरीक्षण कर विकास कार्याें की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर चुकी है। कुल बजट से सरकार ने ये 25 प्रतिशत काम की पहली किश्त को मंजूरी दी है। इससे स्लम एरिया में रहने वाले लोगों को सभी मूलभूत सुविधाएं दी जाएंगी
रविंद्र भाटिया, पार्षद, वार्ड दस
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ऐसे होगा विकास का कार्य
इस ग्रांट से इन बस्तियों में केवल सड़क, पानी, सीवर और निकासी पर काम होगा। स्ट्रीट लाइटाें की व्यवस्था नगर निगम अलग से करेगा। सर्वप्रथम उन बस्तियों को चिह्नित किया जाएगा, जहां विकास की ज्यादा जरूरत है। जिस भी बस्ती में काम शुरू होगा उसे पूरी तरह से विकसित करने के बाद ही दूसरी बस्ती का काम शुरू हो सकेगा।
प्रदीप कल्याण, एक्सईएन, नगर निगम।