माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिले के लोग आयुष्मान याेजना में इलाज लेने में प्रदेश में बहुत पीछे हैं। जिले में अभी भी 1.80 लाख लोगों ने अपने गोल्डन कार्ड नहीं बनवाए हैं। अब स्वास्थ्य विभाग दो माह तक इन पात्रों के गोल्डन कार्ड बनाने का अभियान चलाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने पात्रों को गोल्डन कार्ड बनाने के लिए एक नई सुविधा दी है। विभाग ने चिरायु एप जारी किया है। इस एप के जरिए लोग अपना अंशदान देकर घर बैठे चिरायु योजना का गोल्डन कार्ड पा सकते हैं।
चिरायु योजना के नोडल अधिकारी डॉ. मनीष पासी ने बताया कि अब जिले में दो माह तक गोल्डन कार्ड बनाने का अभियान शुरू होगा। अब लोग घर बैठकर भी एप के जरिए अपना गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं। इसके लिए लिंक भी जारी किया गया है। अधिक से अधिक पात्रों का गोल्डन कार्ड बनाने का प्रयास है।
अब लोगों को नागरिक अस्पताल के चक्कर नहीं काटने पड़ेगा। जिले में अब तक 629297 लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। पानीपत में कुल 8 लाख 9820 लाभार्थी हैं, इनमें से 6 लाख 29497 ने अपने कार्ड बनवाएं हैं। करीब 75 हजार मरीजाे अब तक 105 कराेड़ का इलाज करवा चुके हैं। लाेग भी खुद कार्ड बनवा सकते हैं। पानीपत काे मुख्यालय से राेजाना 3005 गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य मिला है। लाेगाें से भी अपील है कि वाे खुद घर बैठे अपने कार्ड बनवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपने माेबाइल में एप डाउनलाेड करना हाेगा।
आयुष्मान भारत-चिरायु योजना के अंतर्गत अब 1.80 लाख रुपये तक फ्री में कार्ड बनते हैं। इन्हें लाभार्थी घर बैठे भी बनवा सकता है। वहीं 1.80 लाख रुपये से तीन लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले भी पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज ले सकते है। इसके लिए उन्हें https://chirayuayushmanharyana.in/ पर विभिन्न ऑनलाइन बैंकिंग मोड यानी नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, यूपीआई और वॉलटेस के माध्यम से मात्र 1500 रुपये वार्षिक अंशदान कर पंजीकरण करना हाेगा।