पानीपत। पानीपत पुलिस अब तक मादक पदार्थ तस्करी पर रोक लगाने की तैयारी में जुटी है। इसके लिए पुलिस की सीआईए व एंटी नारकोटिक्स विंग को अलर्ट किया गया है। पुलिस की नजर उत्तराखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़ व बिहार में बैठे तस्करों पर नजर है। पुलिस ने अपने सूत्रों को भी सक्रिय कर दिया है।
पानीपत में मादक पदार्थ तस्कर पकड़े जाने पर पुलिस की टीमें इन राज्यों में दबिश देकर तस्करों को दबोच रही है। एक जनवरी से अब तक ऐसे पांच प्रवासी मादक पदार्थ तस्करों व 14 पानीपत के तस्करों को पुलिस ने धरा है। इन 37 दिनों में पुलिस लगभग 40 लाख रुपये का मादक पदार्थ बरामद कर चुकी है। एसपी अजीत सिंह शेखावत ने अपनी टीमों को साफ निर्देश दिए हैं कि मादक पदार्थ तस्करी को रोकना है तो इसकी जड़ पर वार करना होगा।
पानीपत उत्तर प्रदेश से लगता हुआ जिला है। हरियाणा व उत्तर प्रदेश के बीच यमुना नदी बहती है। मादक पदार्थ तस्कर पानीपत में मादक पदार्थ भेजने के लिए नदी के रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। नांव के जरिए तस्कर यमुना को पार करते हैं। तस्कर राणा माजरा, गढ़ी बेसिक, तामशाबाद, रामड़ा, पत्थरगढ़ व बापौली में मादक पदार्थ की तस्करी करती है।
यहीं से तस्कर मादक पदार्थ को करनाल, कुरुक्षेत्र व यमुनानगर भेजते हैं। इसके अलावा ट्रक चालक भी मादक पदार्थ तस्करी में काफी सक्रिय हैं। वो हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, आंध्र प्रदेश व पंजाब से नशा तस्करी करते हैं। तस्कर ट्रक चालक को तस्करी की अहम कड़ी के रूप में इस्तेमाल करते हैं। पुलिस की इन पर कड़ी नजर है। पुलिस ने शहर के चारों और आठ बड़े नाके लगाए हैं। यहां पुलिस के मुखबिर सक्रिय है।
इन राज्यों से इस मादक पदार्थ तस्करी
मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश से गांजा, उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड से चरस, राजस्थान व बिहार से अफीम, आंध्र प्रदेश व पंजाब से हेरोइन की तस्करी एनसीआर में की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने बताया कि नशे को जड़ से खत्म करने पर काम किया जा रहा है। तस्करों की निशानदेही पर मुख्य तस्करों तक पहुंचने का प्रयास है। इसमें कामयाबी भी मिल रही है। पुलिस की मुख्य तस्करों पर नजर है। पुलिस ने इसमें कामयाबी भी हासिल की है। पुलिस युवाओं को नशे की दलदल से निकालने का भी प्रयास कर रही है।