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पानीपत: अब कार्डियोलॉजी परामर्श भी सिविल अस्पताल में मिलेगा

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पानीपत। सिविल अस्पताल को डॉक्टरों की नई भर्तियों में फिजीशियन मिल चुका है। अब यहीं पर मरीजों को हृदय रोग संबंधी परामर्श भी मिलेंगे। मरीजों को इसके लिए रोहतक पीजीआई, खानपुर मेडिकल कॉलेज या निजी अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा। सिविल सर्जन ने सिविल अस्पताल में ही फिजीशियन को मरीजों को ओपिनियन देने के निर्देश दिए हैं। उच्चाधिकारियों को शिकायत मिल रही थी कि सर्जरी से पहले बेहोशी के डॉक्टर कार्डियोलॉजी ओपिनियन लिख रहे हैं। मरीजों को इसके लिए निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। ऐसे में नेत्र संबंधी सर्जरियों में देरी भी हो रही है। इसी शिकायत पर अब सिविल सर्जन ने यहीं पर ओपिनियन देने के निर्देश दिए हैं।
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सिविल अस्पताल में हर रोज नेत्र, जनरल और हड्डी संबंधी सर्जरी होती है। सर्जरी से पहले शुगर और बीपी संबंधी जांच होती है। कुछ केसों में रोगियों की हृदय संबंधी जांच भी होती है, लेकिन पिछले लगभग चार माह से 90 प्रतिशत रोगियों की पर्ची पर कार्डियोलॉजी ओपिनियन लिखा जा रहा था। ऐसे में ओपिनियन लिखने वाले डॉक्टरों पर संदेह भी हो रहा था। कुछ लोगों का कहना था कि डॉक्टर उन्हें एक विशेष अस्पताल में कार्डियो ओपिनियन के लिए भेज रहे हैं। वहां ओपिनियन के लिए लगभग एक हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। फिर सिविल अस्पताल में सर्जरी करानी पड़ती है। इससे पहले लगभग 10 प्रतिशत केसों में ही कार्डियो ओपिनियन लिखा जाता था। अब सिविल अस्पताल में ही कार्डियो ओपिनियन लिए जाएंगे। यह जिम्मा फिजीशियन को दिया गया है।
सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने ड्यूटी ज्वाइन करते ही अगले दिन फिजीशियन की डिमांड भेज दी थी। 10 जून को भी सिविल सर्जन ने फिजीशियन का रिमाइंडर भेजा था। 12 जून को आई नई नियुक्ति की लिस्ट में फिजीशियन पानीपत को मिल गया। चार साल बाद सिविल अस्पताल को फिजीशियन मिला है। हर रोज सिविल अस्पताल में बुखार, खांसी, जुकाम, शुगर, हृदय व छाती रोग संबंधी 300 से अधिक ओपीडी होती है। अब इन रोगियों को राहत मिली है।
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अब फिजीशियन से दिलाएंगे ओपिनियन
सरकार ने अनुरोध पर पानीपत को फिजीशियन दिया है। अब सिविल अस्पताल में ही मरीजों को कार्डियोलॉजी ओपिनियन दिलाएंगे। जिन मरीजों को ओपिनियन की जरूरत नहीं है, उनकी सामान्य जांच के बाद ही सर्जरी होगी।
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- डॉ. जयंत आहूजा, सिविल सर्जन
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