पानीपत। पानीपत में लगातार कैंसर, ह्दय , टीबी, दमा व एनीमिया के मरीज बढ़ रहे हैं। अब स्वास्थ्य विभाग एनीमिया व दमा के बाद कैंसर व ह्दय के रोगियों का भी अध्ययन करेगा। इन रोगों के बढ़ने का कारण जाना जाएगा। मरीज की पूरी हिस्ट्री जांची जाएगी। ऐसे क्षेत्रों को चिह्नित किया जाएगा, जहां इन गंभीर रोगों के मरीजों की संख्या अधिक है। फिर यह रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी।
मुख्यालय के निर्देशों पर इन बीमारियों पर अंकुश लगाने की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग पूरे जिले में 300 से अधिक शिविर लगाएगा। शिविर लगने वाले स्थान व उनकी तारीख पर फिलहाल चर्चा की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के पास कैंसर व ह्दय रोगियों का पूरा डाटा नहीं है। विभाग के पास सिर्फ उन ही कैंसर मरीजों का डाटा है , जिन्होंने स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से रोहतक पीजीआई में जाने के मुफ्त लाइसेंस बनवाया था। ऐसे लगभग 550 मरीज है। जबकि निजी अस्पतालों के अनुसार जिले में कैंसर रोगियों की संख्या पांच हजार से अधिक है।
प्रेम कैंसर इंस्टीट्यूट में हर माह 50 से अधिक मरीजों की कीमो होती है। निजी अस्पतालों के कार्डियोलॉजिस्ट के अनुसार पानीपत में हर चौथा व्यक्ति ह्दय का रोगी है। इसका बड़ा कारण प्रदूषण एवं लाइफ स्टाइल है।
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एनीमिया पर अध्ययन के लिए 180 के लिए सैंपल
जिले की झुग्गियों, फैक्ट्रियों व ईंट भट्ठों पर रहने वाली 50-60 प्रतिशत महिलाओं, बच्चों और किशोरों में खून की कमी है। अब एनीमिया के असल कारण जानने के लिए स्वास्थ्य विभाग अब एनीमिया के मरीजों पर अध्ययन करेगा। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों से 90-90 एनीमिया के मरीजों के रक्त के सैंपल लिए गए हैं। अब डॉक्टर एनीमिया के मरीजों के खान पान, रहन सहन व शरीर की बीमारियों का अध्ययन करेंगे। अध्ययन की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी।
वर्जन-
सिविल सर्जन जयंत आहूजा ने बताया कि कैंसर व ह्दय रोग के रोगियों पर अध्ययन होगा। मरीजों की हिस्ट्री जांची जाएगी। यह पता लगाने का प्रयास है कि किन किन क्षेत्रों में यह रोग गंभीर है। इसके अलावा एनीमिया व दमा पर भी अध्ययन शुरू किया गया है। इसके लिए शहरी व ग्रामीण क्षेत्र से 180 रोगियों के सैंपल लिए गए है। विभिन्न बिंदुओं पर यह अध्ययन होगा।