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Panipat News: अब हरिद्वार जाने के लिए खर्च करना पड़ रहा 330 रुपये

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पानीपत। हरिद्वार जाने वाली बसों के रूट में बदलाव होते ही डिपो अधिकारियों ने 50 रुपये किराया बढ़ा दिया। रोडवेज बस की हरिद्वार की टिकट के लिए शुक्रवार शाम 4:30 बजे से कांवड़ियों और यात्रियों से 330 रुपये लिए गए। अब बसें सनौली की बजाय करनाल मेरठ बाइपास से होकर हरिद्वार जाएंगी, जिससे सफर भी 35 किलोमीटर लंबा हो गया है। हरिद्वार तक की यात्रा में लगभग 45 मिनट का ज्यादा समय लगेगा।
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पहले पानीपत डिपो से रवाना हुई रोडवेज बस सनौली, मुजफ्फरनगर, रुड़की होते हुए हरिद्वार जाती थी। ये सफर लगभग 178 किलोमीटर का था। अब उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा के दौरान लगने वाले जाम से बचने के लिए रूट को डायवर्ट किया है। पानीपत से बस करनाल बाइपास, मेरठ रोड होते हुए ननौता, देवबंद, रूड़की पहुंचगी। यहां से स्टेट हाइवे होते हुए कुल 213 किलोमीटर का सफर तय कर हरिद्वार जाएगी। फिलहाल पानीपत डिपो की 40 से अधिक बसें हरिद्वार जा रही हैं। वहीं दूसरे डिपूओं की बसों को भी मिलाएं तो ये आंकड़ा 55 तक पहुंच जाता है।

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13 अतिरिक्त बसों में 1500 कांवड़िये जा रहे हरिद्वार
पानीपत डिपो से पहले 13 बसें हरिद्वार जाती थी। कांवड़ मेला शुरू होने के बाद स्थानीय डिपो से रोजाना 25 से 30 अतिरिक्त बसें हरिद्वार जा रही है। जिनमें 1500 के करीब कांवड़िये हरिद्वार जा रहे हैं। कांवड़ियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने बस का रूट बदला है, इसका खर्च कांवड़ियों की जेब पर नहीं डालना चाहिए।
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ये रूट भी फिक्स नहीं, पुलिस कर सकही है डायवर्ट
करनाल बाइपास से मेरठ रोड होते हुए रोडवेज बस गंगोह, ननौता की तरफ जाएगी। वहां से देवबंद, रूड़की और फिर स्टेट हाइवे से हरिद्वार के लिए चलेगी। इस रूट पर भी अगर कहीं जाम की स्थिति बनती है, तो उप्र में स्थानीय ट्रैफिक पुलिस बस के रूट को डायवर्ट कर सकती है।

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किराया बढ़ाना गलत, 280 में ही दें टिकट
राजीव कॉलोनी के कांवड़िये अजय ने बताया कि पानीपत से हजारों की संख्या में कांवड़िये जाते हैं। रूट बदलने का निर्णय उत्तर प्रदेश सरकार का है। स्थानीय अधिकारियों को टिकट महंगी न करके 280 रुपये में ही देनी चाहिए। किराया बढ़ाना गलत है।

वर्जन
बसों का किराया किमी से होता है तय
बसों का किराया किलोमीटर के हिसाब से तय होता है। सफर बढ़ने के कारण बसों का किराया बढ़ाया गया है। सनाैली-रूड़की रूट से बसों का संचालन शुरू होने पर किराया पुराने रेट के हिसाब से लेना शुरू कर दिया जाएगा।
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कुलदीप जांगड़ा, महाप्रबंधक रोडवेज डिपो
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