माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। संपत्ति कर के स्वयं सत्यापन सर्वे को लेकर सरकार के बाद अब निगम भी सख्त हो चुका है। मंगलवार को इस सर्वे में लगाए स्ट्रीट लाइट रिपेयरिंग करने वाले चार कर्मचारी जब स्वयं सत्यापन के काम में सुस्त दिखाई दिए तो अधिकारियों ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है। ये जवाब कर्मचारियों को बुधवार तक देना होगा।
कर्मचारियों से जवाब मांगा गया है कि जब उनकी ड्यूटी संपत्तियों के स्वयं सत्यापन में लगाई थी तो उन्होंने तीन से सात मार्च तक एक भी संपत्ति का स्वयं सत्यापन क्यों नहीं कराया। जवाब न देने या संतोषजनक जवाब न मिलने पर कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। निगम आयुक्त की ओर से ये नोटिस तकनीकी टीम के सहायक कर्मचारी राहुल, राजेश, सोनू और सुखबीर को जारी किए गए हैं।
एक दिन पहले तक इन कर्मचारियाें का वेतन तक रोके जाने के मौखिक आदेश दिए गए थे लेकिन बाद में इनको कारण बताओ नोटिस तक ही सीमित कर दिया गया है। दूसरी ओर निगम आयुक्त ने शहर को तीन भागों में बांट तीनों एक्सईएन, संयुक्त आयुक्त और उप निगम आयुक्त को भी इस सर्वे में जोड़ दिया है। वार्ड एक से आठ कार्यकारी अभियंता दो के पास, वार्ड नौ से 17 कार्यकारी अभियंता एक और वार्ड 18 से 26 का इंचार्ज कार्यकारी अभियंता तीन को बनाया गया है।
संयुक्त आयुक्त मनी त्यागी को शहर के सभी वार्डों का ओवरऑल इंचार्ज तैनात किया है जबकि उप निगम आयुक्त अरुण कुमार को संयुक्त आयुक्त का सहयोग करने की जिम्मेदारी दी गई है। पिछले पांच दिन में निगम करीब 30 हजार से ज्यादा संपत्तियों का स्वयं सत्यापन करवा चुका है जबकि खराब लाइटों की रिपेयरिंग का काम पूरी तरह से बंद हो गया है। हालात ये हैं कि शहर में लगी ठीक ठाक लाइटों को भी ऑन-ऑफ करने के लिए निगम के पास मैनपावर नहीं है। जो लाइटें चालू हैं उनको बंद नहीं किया जा रहा और जो बंद हैं वे चालू नहीं हो पा रही है।
शहर की संपत्तियों के स्वयं सत्यापन को लेकर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई थी। इनमें चार कर्मचारी सुस्त और लापरवाही करते मिले। इनको नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। - साहिल गुप्ता, आयुक्त, नगर निगम।